महंगाई का असर अबकी मिठाई पर भी देखने को मिला। पिछले
वर्ष की तुलना में अबकी दोगुने रेट पर मिठाई बिकी। सबसे सस्ती पंचमेल
मिठाई डेढ़ सौ रुपये से लेकर अच्छी मिठाई तीन सौ रुपये के भाव में बिकी।
महंगाई के बावजूद खरीदारों की जबरदस्त भीड़ दुकानों पर दिखाई दी।
दीपावली
का त्योहार और मिठाई एक दूसरे के पूरक हैं। हर बार की तरह अबकी भी नगर में
करीब आधा सैकड़ा मिठाई की दुकानें सजाई गई थी जिन पर रंगबिरंगी मिठाईयों
को ट्रे में सजा कर रखा गया था। अच्छी मिठाई जहां तीन सौ रुपये के भाव को
छू रही थी वहीं पंचमेल मिठाई डेढ़ सौ रुपये में धड़ल्ले से बिक रही थी।
महंगाई के बावजूद खरीदारी को उमड़ी भीड़ का आलम यह था कि नगर की कई दुकानों
पर तो शाम होते-होते मिठाई बिल्कुल साफ हो चुकी थी। रोडवेज बस स्टेशन,
सौरिख तिराहा, सौरिख बस स्टाप, बजरिया चौराहे, प्रभात मार्केट के बाहर और
विशुनगढ़ तिराहे पर मिठाई की दुकानें लगी थीं।
इसके अलावा मुस्लिम भाई
भी इस मामले में किसी से पीछे नहीं रहे। मोहल्ला बिरतिया के मुन्ना ने
नगरपालिका तिराहा के पास बड़े ही आकर्षक ढंग से मिठाई की दुकान सजाई थी।
साथ ही नगर में और भी कई जगह मुस्लिम भाइयों ने दीपावली के पर्व पर मिठाई
की दुकानें सजाई थी।
उधर, मोहल्ला चौधरियान माली वाली गली में फूल
विक्रेताओं ने भी आकर्षक ढंग से अपनी दुकानें सजाईं। यहां गेंदा के फूलों
की लड़ियां और मालाएं खरीदने के लिए पूरे दिन लोगों की भीड़ लगी रही।
लक्ष्मी जी की पूजा के लिए कमल के फूल का विशेष महत्व है। यह भी 50 रुपये
तक बिका।