जिला मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर की दूरी पर बसे
ग्राम पंचायत डडौना के एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने शनिवार को जिला
मुख्यालय पर पहुंचकर लोहिया आवास की सूची में अपात्रों को शामिल करने के
विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सचिव व
ग्राम प्रधान ने सुविधा शुल्क लेकर अपात्रों के नाम शामिल कर लिए।
इस
बाबत ग्रामीणों ने लिखित शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से भी की है। सीडीओ को
दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने हवाला दिया कि वह सभी
विकास खंड सौरिख की ग्राम पंचायत डडौना के निवासी है। आरोप लगाया कि पंचायत
सचिव व ग्राम प्रधान ने सुविधा शुल्क लेकर पक्के बने मकान वाले व तीन एकड़
जमीन वाले लोगों के नाम लोहिया आवासों की सूची में शामिल कर लिए हैं।
इन
सभी के पास मोटर साइकिल, इलेक्ट्रानिक उपकरण हैं। लोहिया आवास की सूची का
भौतिक सत्यापन किसी उच्चधिकारी द्वारा गांव में आकर नहीं किया गया। आरोप
लगाया कि केवल सचिव द्वारा बनाई गई सूची ही मान ली गई है। ग्रामीणों ने
मांग की कि किसी सक्षम अधिकारी से जांच कराकर गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ
कार्रवाई की जाए।
साथ ही शासन की योजना का पात्र लोगों को लाभ दिलाया
जाए। इस दौरान ब्रजेंद्र कुमार, अली हसन, अरविंद कुमार, रामविलास, रामसेवक,
नाथूराम, चंद्रप्रकाश, बृजेश, श्याम बाबू, राजेश कुमार, रूबी, अख्तर अली,
श्राजकुमारी, भोले प्रसाद, सुशीला, अनीषा बेगम और मनोज सहित अन्य मौजूद थे।
उधर, इस बाबत मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव ने बताया कि डीएम की
समीक्षा बैठक के कारण मांगपत्र नहीं मिल सका है। ग्रामीणों ने मांगपत्र
कार्यालय में दिया होगा। कहा कि शिकायती पत्र मिलने के बाद मामले की
निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि वास्तव में ऐसा हुआ है, तो गड़बड़ी करने
वालों के खिलाफ कार्रवाई व पात्रों को लाभ दिलाया जाएगा।