इस साल कुछ बेहतरी के प्रयास में विद्युत विभाग भी
लगा है। जहां सब स्टेशनों की क्षमताएं बढ़ाई जाएंगी, वहीं लाइन लॉस को भी
कम करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में अभी तक फाल्ट और कटौती से जूझने
वाले क्षेत्र भी अब खूब बिजली से जगमगाएंगे।
सौरिख में पुराना 33 केवी
सब स्टेशन आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे की भेंट चढ़ गया। अब यहां नया माडल सब
स्टेशन बनाया जा रहा है। फिलहाल यहां पांच एमवीए और आठ एमवीए क्षमता के दो
ट्रांसफार्मर लगे हैं, पर नए माडल सब स्टेशन में क्षमता वृद्धि करके 10
एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
33 केवी सब स्टेशन तालग्राम में
पांच एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। इसमें से एक की क्षमता बढ़ाकर 10
एमवीए कर दी जाएगी। 33 केवी सब स्टेशन रामाश्रम में पांच एमवीए का ही एक और
ट्रांसफार्मर लगना प्रस्तावित है। विशुनगढ़ और सकरावा में 33 केवी के नए
सब स्टेशन निर्माणाधीन हैं। यहां पांच-पांच एमवीए के ट्रांसफार्मरों से
आपूर्ति की जाएगी।
इसके अलावा पहले उपभोक्ताओं को कन्नौज डिवीजन आफिस
की दौड़ लगानी पड़ती थी। यहां के लिए डिवीजन आफिस के नए भवन का स्टीमेट
स्वीकृत हो चुका है। नए साल में इसका निर्माण वर्तमान सब डिवीजन आफिस परिसर
में ही शुरू हो जाएगा। उधर, पहले उपभोक्ताओं के बिल दक्षिणांचल विद्युत
वितरण निगम के आगरा आफिस से बनकर आते थे, पर अब सब कुछ आनलाइन हो गया है।
बिलिंग आनलाइन होने के साथ उसका भुगतान, बिलों का संशोधन और नए कनेक्शन
जारी करने का काम भी कंप्यूटर से आनलाइन हो रहा है। इसके अलावा शहर में
फिलहाल तीन फीडरों से बिजली दी जा रही है। फीडर नंबर दो और तीन को दो-दो
भागों में बांटा गया है। इसकी नई लाइनें बनकर तैयार हो चुकी हैं।
नगर व
ग्रामीण क्षेत्र में नए साल के दौरान तकरीबन 10 प्रतिशत बिजली की खपत
बढ़ने का अनुमान है। इसके लिए उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएंगे।
वहीं 33 केवी पुराने सब स्टेशन में कैपिसेटर बैंक बनकर तैयार है। इसके जरिए
उपभोक्ताओं को बिना उतार चढ़ाव के पहले से बेहतर विद्युत आपूर्ति मिलेगी।
इस बाबत एक्सईएन आरएन वर्मा का कहना है बिजली चोरी पर अंकुश लगाकर और
उपभोक्ताओं के बिल संशोधित करके राजस्व बढ़ाया जाएगा। विद्युत नियामक आयोग
के निर्देशानुसार कम लाइन लास और ज्यादा भुगतान वाले शहरों में न्यूनतम 22
घंटे विद्युत आपूर्ति दी जाएगी।
शहर में प्राप्त हुई बिजली और उसके सापेक्ष
बिल वसूली का प्रति यूनिट थ्रू रेट नवंबर में 3.17 रुपये था। नए साल में
इसे पांच रुपये तक पहुंचा देंगे।