फोटो :06: सीवरलाइन के बंद मेनहोल। संवाद
- सफदरगंज व मकरंदनगर मोहल्लों में नहीं हो सका सर्वे, शासन को भेजा जाएगा इस्टीमेट
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नाैज। शहर में चोक सीवर लाइन को खोलने के लिए जल निगम की टीम ने शनिवार को सर्वे किया। इसमें 60 फीसदी सीवर लाइन चोक मिली, जिसे साफ टेड़ी खीर हैं। अभी दो मोहल्लों में सर्वे नहीं हो सका है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है, इसका इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा और बजट मिलते ही चोक सीवर लाइन को खोला जाएगा, तभी जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।
शासन ने शहर को स्वच्छ रखने के लिए 89 करोड़ का बजट आवंटित कर अमरापुर में सीवरेज प्लांट व नगर में 61 किलोमीटर की सीवर लाइन डलवाई थी। जलनिगम की देखरेख में काम कराया गया। अफसरों ने काम पूरा हुए बिना फर्म को 86 करोड़ का भुगतान कर दिया। जल निगम ने नगर पालिका को सीवरेज प्लांट व लाइन हैंडओवर नहीं किया। इसके कारण छह वर्ष में सीवर लाइन चोक हो गई। सदिकापुर मे जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने शेखाना नाले के पानी को सीवर लाइन से निकालने के निर्देश दिए थे। तब पता चला कि सीवर लाइन चोक है। कानपुर व स्थानीय सात टीम सीवर लाइन का एक मैनहोल भी साफ नहीं कर पाई।ऐसे में शासन के आदेश पर चोक सीवर लाइन का सर्वे जलनिगम के अधिकारियों ने शुरू कराया। जेई सौरभ शुक्ला ने बताया कि मोहल्ला सफदरगंज व मकरंदनगर का सर्वे बाकी है। सर्वे पूरा होते ही बजट के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। रखरखाव न होने के कारण ज्यादातर सीवर लाइन चोक मिल रही है।
फिर से घरों के करने होंगे कनेक्शन
सीवर लाइन डालते समय 20 हजार घरों व कारखानों को सीवर लाइन जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। उस समय कार्यदायी संस्था ने मात्र छह हजार घरों को ही सीवर लाइन से जोड़ा था। भुगतान होने के बाद फर्म ने काम अधूरा ही छोड़ दिया। छह वर्ष से रखरखाव नहीं होने पर तीन हजार से अधिक लोगों ने सीवर लाइन का कनेक्शन कटवा दिए है। ऐसेे में सीवर लाइन साफ होने के बाद फिर से घरों व कारखानों के कनेक्शन करने होंगे।