कन्नौज। अपने दामन में रहमत और बरकत को समेटे मुकद्दस रमजान-उल-मुबारक शुरू होने को है। सोमवार की शाम में इस पाक महीने का चांद देखा जाएगा। चांद देखते ही इबादत का सिलसिला शुरू होगा। सोमवार की शाम चांद नहीं दिखने पर पहला रोजा बुधवार से शुरू होगा।
इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने को रमजान-उल-मुबारक कहा जाता है। शाबान का महीना पूरा होने के बाद चांद देखने पर इस मुकद्दस महीने की शुरुआत होगी। उर्दू कैलेंडर में महीने 29 या 30 दिन के होते हैं। रविवार को शाबान महीने की 28 तारीख था। सोमवार को इस महीने का 29वां दिन है। लोग सोमवार की शाम चांद देखने की कोशिश करेंगे। चांद दिखने पर पहला रोजा मंगलवार से होगा।
उलेमाओं के मुताबिक पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर रोजा रखा जाता है। रोजा की हालत में इबादत करने से आम दिनों के मुकाबले ज्यादा सवाब हासिल होता है। इस पाक महीने के इस्तकबाल के लिए सभी घरों में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मस्जिदों में भी खास तैयारियां की जा रही हैं।
चांद देखते ही शुरू हो जाएगी तरावीह की नमाज
चांद देखने के बाद रोजा तो अगले दिन से शुरू होगा, लेकिन तरावीह की नमाज चांद की रात से ही शुरू हो जाएगी। रमजान के महीने में रात के समय इशा की नमाज के बाद जमाअत के साथ कुरआन पाक सुनी जाती है। इसे तरावीह की नमाज कहते हैं। कमोबेश सभी मस्जिदों में यह नमाज अदा की जाएगी। इसके अलावा भी लोग अपनी-अपनी सहूलियत के मुताबिक अलग-अलग जगहों पर भी तरावीह की नमाज का इंतजाम करते हैं।