आरएस यादव इंटर कालेज के पास स्थित गोविंद गोपाल
गोशाला में दोपहर में सत्संग एवं प्रवचन का आयोजन किया गया। सत्संग के
दौरान 50 गो सेवकों ने सदस्यता ग्रहण कर गो रक्षा का संकल्प लिया।
सत्संग
में ऋषिकेश से पधारे ब्रह्मचारी संत भोले बाबा महाराज ने गाय की महत्ता पर
प्रकाश डालते हुए कहा कि गाय बचेगी तो देश-धर्म बचेगा। उन्होंने कहा कि
गाय विश्व की माता है, सर्वदेवमयी है। 33 करोड़ देवी-देवता गाय के रोम-रोम
में वास करते हैं। गाय का दूध अमृतमय है।
गाय का मूत्र 108 बीमारियों का
नाश करता है। गाय माता चलता-फिरता मंदिर है। इनके पूजन से समस्त
देवी-देवताओं का पूजन हो जाता है। कहा कि गऊ माता हमारे देश का अमूल धन है।
अत: गाय की रक्षा करने से देश, धर्म, संस्कृति, सभ्यता एवं संस्कारों की
रक्षा हो जाती है। कहा कि गऊ माता की सेवा से ही हमारा सबका कल्याण है।
जहां गाय है वहीं गोविंद भी हैं। गोरक्षा के लिए सत्संग में मौजूद लोगों का
आह्वान करते हुए उन्होंने गाय की सेवा के लिए सदस्य बनाने की बात रखी। इसमें
बनने वाले सदस्य प्रति माह गोरक्षा के लिए सौ रुपये जमा करेंगे। संत के
आह्वान पर 50 लोगों ने सदस्यता ग्रहण कर सहयोग राशि भी जमा कर दी।
गोविंद
गोपाल गोशाला में इस समय लगभग 40 गाय मौजूद हैं। जिनकी लोग प्रतिदिन सेवा
करते हैं। सत्संग में अध्यक्ष डॉ. परशुराम शर्मा, विजय चौहान, विमल शर्मा,
अजय गुप्ता, अतुल दुबे, पंकज मिश्रा, मनोज राठौर, विमल पांडेय, उमेंद्र
यादव, राहुल मिश्रा, रामप्रकाश वर्मा, विनय त्रिपाठी व रजत त्रिपाठी समेत भारी
संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं।