जश्न-ए-सौहार्द कर्बला कांफ्रेंस जामा मस्जिद मैदान
में संपन्न हुआ, जिसमें मुफ्ती, अशरफ जिलानी ने इमाम हुसैन की शहादत पर
तकरीर की। हुसैन के नक्से कदम पर चलने को बताया और उनकी शहादत पर आए हुए
जायरीनों को बताया कि शहादत से इस्लाम फैला है।
कार्यक्रम में हिंदू और
मुस्लिम दोनों ही समुदाय के लोग मौजूद थे। हजरत मोहम्मद साहब के नवासे
हजरत इमाम हुसैन ने जो अपने नाना जान से वादा किया वह निभाया। यह भी बताया
कि हम सब लोग भी याद रखें कि अगर किसी से भी वादा करें तो निभाएं। अपने
माता-पिता की इज्जत करें। उनका दिल न दुखाएं। मां के पैरों के नीचे जन्नत
है।
मौलाना मोनिश रजा ने कहा कि इमाम हुसैन ने याजीदी फौज को परास्त कर
दिया और इस्लाम के खातिर सजद में सिर को कटवा दिया था। साथ ही ईमान की
खातिर अपने आप को शहीद करवा दिया। इस मौके पर हाजी मुस्ताक राइनी,
हाफीज एयाज, हाफिज राशिद, मौलाना कमर आलम, इरफान, जामा मस्जिद के मुतवल्ली
इलियास राइनी, हाफीज बकारी, मोहम्मद मुस्तकीम उवैसी, मदरसा फलादारने के
प्रिंसिपल की सरपरस्ती में कार्यक्रम चला।
इस मौके पर अनुराग, डॉ. महेश,
पंकज गुप्त, नेता कुरैशी, शरीफ कुरैशी, मोईद्दीन, जमील मंसूरी, इस्लाइल
अली, अब्दुल माजिद, गुड्डी तिवारी, योगेश तिवारी, गंगाराम यादव, रामगोपाल
कुशवाहा, रियासत राइनी, रहीस अंसारी, सलाम मंसूरी, हनीफ कुरैशी, शाहिद खान,
इमरान कुरैशी व शाहबुद्दीन मंसूरी आदि लोग मौजूद थे।