कन्नौज। पांच साल पहले दहेज में बाइक न मिलने पर विवाहिता की पेट्रोल डालकर जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कोर्ट ने गुरुवार को आरोपी पति, जेठ और सास ससुर को दोष सिद्ध करते हुए नौ साल की सजा सुनाई है, तथा 20-20 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है। दोषियों को न्याय का अभी रक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि 21 मई 2020 को कोतवाली तिर्वा में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जनपद हरदोई के थाना बिलग्राम अंतर्गत ग्राम रावणपुरवा चौराहा निवासी जगदीश उर्फ लड्डू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने बेटी सुमिता की शादी तिर्वा कोतवाली अंतर्गत ग्राम कोडर निवासी देवेंद्र के साथ की थी। शादी के तीन वर्ष बाद ससुरालीजन दहेज में बाइक एक भैंस और एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। जब उसने असमर्थता जताई तो आरोपियों ने 20 मई 2020 को दिन के तीन बजे सुमित के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। बेटी की मौत हो गई।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना तत्कालीन सीओ तिर्वा दीपक दुबे को सौंप दी। पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय पूर्णिमा पाठक ने पति देवेंद्र, जेठ मुकेश, सास कलावती और ससुर धनीराम को दहेज हत्या में दोष सिद्ध किया। उन्होंने चारों को नौ साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई है और चारों पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। जुर्माने की रकम अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।