संत निरंकारी भवन में आयोजित क्षमा याचना दिवस पर महात्मा राजकुमार गुप्ता ने कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है। इस दौरान सेवादल के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण भी दिया गया। फर्रुखाबाद से आए महात्मा संजीव चौहान ने कहा कि गलती करना कठिन नहीं बल्कि गलती करने वालों को क्षमा करना कठिन हैं।
क्षमा करने वाला पुरुष ही महापुरुष है। आज के पैगंबर बाबा हरदेव सिंह जी महाराज भी हमें क्षमा करना सिखा रहें हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल 1980 में शैतानी प्रवृत्तियों ने बाबा गुरुवचन सिंह की हत्या कर दी ती तब बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने उन शैतानी प्रवृत्तियों को क्षमा करके अनूठी मिशाल पेश की थी।
दिन भर अच्छे बुरे कर्म करने के बाद जब हम ईश्वर का स्मरण करते हैं तो वह भी हमें क्षमा कर देतें हैं। अगर हमने गलती की है तो क्षमा मांगने में शर्म भी कैसी? जो भक्त क्षमा करते हैं वह विपरीत परिस्थितियों में भी बचे रहते हैं। आज हम सभी संकल्प लें कि जान बूझ कर होने वाली गलतियों से बचेंगे और क्षमा याचना कर स्व भाव बनाए रखेंगे।
इस अवसर पर फर्रुखाबाद से आए महात्मा मुकेश जी ने सेवादल स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में सेवादल संचालक सुशील बाबू,शशीप्रभाकर,रंजना,शालिनी,पूनम,गंगादीन,रामप्रकाश,मनीष,आरपी सिंह व सानू आदि ने विचार व्यक्त किए।