चकबंदी कर्ता संघ के पदाधिकारियों और लेखपालों की
गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बैठक हुई। इसमें तमाम समस्याओं के जल्द
निस्तारण की रणनीति बनाई गई। साथ ही 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन चकबंदी
बंदोबस्त अधिकारी को सौंपा।
राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष ओमकार
नाथ शुक्ला की अगुवाई में दोपहर 2 बजे सहायक चकबंदी अधिकारी कार्यालय में
बैठक हुई। इसमें चकबंदी कर्ता संघ, चकबंदी लेखपाल संघ और चतुर्थ श्रेणी
कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया।
प्रादेशिक
चकबंदी कर्ता संघ उ.प्र. की शाखा कन्नौज के अध्यक्ष राकेश कुमार गंगवार ने
कहा कि पैमाइश के लिए जरीब की मांग की गई थी लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं कराई
गई। इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार विभागीय अफसरों को
अवगत कराया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
शाखा संरक्षक सालिगराम
भारतीय ने कहा कि चकबंदी कर्ता और चकबंदी लेखपालों को बैठने के लिए फर्नीचर
और कुर्सियां नहीं है। इस कारण जमीन पर टाट-पट्टी बिछाकर काम निपटाना
पड़ता है। लेखपाल ने विजय कुमार यादव व घनश्याम त्रिपाठी ने एलपीसी में 50
फीसदी एरियर जल्द दिलाने की मांग रखी।
चकबंदी लेखपाल जगरूप सिंह
ने जल्द बहाल कराने की मांग की। शाखा मंत्री रामकुमार राठौर ने कहा कि
शिकायत पर बिना दूसरे पक्ष को जाने विभागीय अफसर कार्रवाई कर देते हैं,
जिससे कार्य प्रभावित होता है। शासन द्वारा गजट चकबंदी कराने के लिए सर्वे
टीम की मांग भी उठाई।