नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 130 आशाओं को
चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान बांटे गए घटिया
लंच पैकेट खाने से कई आशाओं की हालत बिगड़ गई, जिससे वहां पर हड़कंप मच
गया। इससे आक्रोशित हुई आशाओं ने लंच पैकेटों को फेंक हंगामा करना शुरू।
गुस्साई आशाओं ने प्रशिक्षण का बहिष्कार कर दिया।
शनिवार को सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र में क्षेत्र की आशाओं को चार दिवसीय एम-सेहत का प्रशिक्षण
दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन 105 आशाएं मौजूद थीं। प्रशिक्षण
के दौरान कन्नौज की किसी संस्था द्वारा लंच पैकेट उपलब्ध कराए गए थे।
प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद आशाओं को लंच पैकेट वितरित किए गए।
आशाओं ने
जैसे ही खाना शुरू किया तो सरोज मिश्रा, रजनी, लक्ष्मी देवी, दर्शनी,
माधुरी, ममता, अर्चना, शांती, बेबी, ईश्वरीवती आदि कई आशाओं की हालत
बिगड़ने लगी। यह देखकर अन्य आशाओं ने हंगामा करते हुए लंच पैकेट फेंक दिए।
आशाओं ने कहना था कि लंच पैकेट में जो सब्जी उपलब्ध कराई गई वह खराब हो
चुकी थी।
दूषित सब्जी खाने से ही कुछ आशाओं की हालत खराब हुई है। आशाओं
ने दूषित और घटिया लंच पैकेट उपलब्ध कराने को लेकर रोष जताते हुए
प्रशिक्षण का बहिष्कार कर दिया और चेतावनी दी कि उन लोगों के स्वास्थ्य के
साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में अब वह लोग कोई कार्य नहीं
करेंगी।
उधर, इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी
चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि खराब लंच पैकेट उपलब्ध कराए
जाने की सूचना उन्होंने बड़े अफसरों को दे दी है। यह लंच पैकेट कन्नौज की
किसी संस्था द्वारा प्रशिक्षण के दौरान आशाओं के लिए भिजवाए गए थे।
उधर,
कोर्ट के आदेश पर सरकार द्वारा पॉलिथीन बैग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया
गया है। उसकी बिक्री और प्रयोग पर पूरे प्रदेश में 21 जनवरी से यह व्यवस्था
लागू की गई है। इसके लिए पिछले दिनों प्रशासन ने अभियान भी चलाया था,
पर इसके बावजूद भी पॉलिथीन बैग का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है।
सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र में चल रहे आशाओं के प्रशिक्षण के दौरान कन्नौज की जिस
संस्था ने लंच पैकेट उपलब्ध कराए थे, उसके डब्बे में सब्जी काली पॉलिथीन
बैग में पैक थी। जिससे वह खराब हो गई और कई आशाओं की हालत बिगड़ गई।