मनरेगा में एक लाख रुपये से कम धनराशि खर्च कर विकास कार्य में लापरवाही बरतने वाले 16 ग्राम पंचायतों के प्रधान, 10 रोजगार सेवक व सचिव और तकनीकी सहायकों को नोटिस भेजा गया है। जनवरी अंत तक लक्ष्य के अनुरूप काम न कराने पर प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज होंगे। वहीं अन्य का वेतन व मानदेय रोका जाएगा।
तालग्राम के बीडीओ पंकज यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत मझपुरवा में 14 हजार, जुनेदपुर में 17 हजार, बिराहिमपुर निजामपुर में 35 हजार, सराय दौलत में 7 हजार, पनगवां में 65 हजार, गंगागंज गुरौली में 74 हजार, बबरापुर मखदूमपुर में 75 हजार, नरमऊ में 84 हजार, लाड़पुर में 94 हजार, सकरहनी में 70 हजार रुपया ही मनरेगा में खर्च हो सका।
यहां के प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक ने काम में घोर लापरवाही बरती। इसी तरह बिरौली में 55 हजार, रौरा में 63 हजार, रजलामऊ में 65 हजार, मुसाफिरपुर मे 77 हजार, सलेमपुर में 55 हजार, अमरौली में 97 हजार रुपये ही खर्च हो सके।
यहां के प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बीडीओ ने कहा कि कामचोरी अब बरदाश्त नहीं की जाएगी। 31 जनवरी तक एक लाख रुपये से अधिक का विकास कार्य न करने वाले प्रधानों के वित्तीय पावर सीज किए जाएंगे। बीडीओ की इस कार्रवाई से विकास कार्य कम कराने वालों में हड़कंप मच गया है।