जीटी रोड हाइवे पर रविवार की देर शाम लगा जाम लगभग सात घंटे बाद किसी तरह खुल सका। सात घंटे तक हाइवे जाम रहने से सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
रात के अंधेरे के चलते जाम में फंसे यात्री बेहाल रहे। जाम को लेकर पुलिस प्रशासन का रवैया भी काफी लापरवाही भरा रहा। सोमवार को भी कांवर यात्रा के चलते नगर के पीपल चौराहे तथा फर्रुखाबाद चौराहे पर पूरे दिन जाम की स्थिति रही।
महाशिवरात्रि पर्व से पूर्व श्रंगीरामपुर से गंगाजल भरकर कांवरियों का जत्था नगर के फर्रुखाबाद चौराहे से पीपल वाली गली, कटरा मोहल्ला होते हुए विशुनगढ़ रोड से जिला इटावा और मध्य प्रदेश के लिए निकलता है। कांवरियों के जत्थों के निकलने से रविवार की शाम फर्रुखाबाद चौराहे पर आवागमन अवरुद्ध हो गया।
इससे हाइवे पर जाम लग गया। रविवार की शाम करीब पांच बजे से जाम की स्थिति पैदा हुई जो देर रात 12 बजे तक बनी रही। जाम को खुलवाने के लिए कहीं पर भी पुलिस का कोई भी सिपाही नजर नहीं आ रहा था। एक-दो घंटे बाद ही हाइवे पर वाहनों की कई किलोमीटर तक लंबी लाइनें लग गईं।
जाम में ट्रकों, लोडरों के अलावा रोडवेज की बसें, छोटे वाहन और कई बारातें फंसी हुई थीं। मध्य रात के बाद करीब 12 बजे किसी तरह कांवरियों के जत्थों का आवागमन कुछ कम हुआ। तब कहीं जाकर किसी तरह वाहनों की आवाजाही शुरू हुई।
इसके बाद रात करीब दो बजे पूरी तरह आवागमन सुचारु हो सका। हाइवे पर जाम में फंसे यात्री रात के अंधेरे में काफी परेशान दिखे। सबसे ज्यादा महिलाओं और छोटे बच्चों की हालत खराब थी। वहीं जाम में कई बारातों के वाहन फंसे होने से वह भी अपने गंतव्य तक समय से नहीं पहुंच सके।
हालांकि सोमवार को पुलिस की तगड़ी व्यवस्था की गई थी लेकिन कांवरियों की कतारबद्ध चल रही भीड़ ने वाहनों की रफ्तार पर जहां ब्रेक लगा दिए वहीं पैदल चलने वाले भी उनके निकल जाने तक ठिठक कर खड़े रहे। यह हालात पूरे दिन बने रहे। फर्रुखाबाद चौराहे के अलावा पीपल चौराहे, सौरिख तिराहा, विशुनगढ़ रोड पर भी भारी पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा।