फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीटी से चल रहा जिले का हाईटेक यातायात

विज्ञापन
फोटो:03- शहर के जीटी रोड पर इस तरह लगता है जाम। संवाद - फोटो : KANNAUJ
विज्ञापन
कन्नौज। देश में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हाईटेक प्रणाली का उपयोग हो रहा है। वहीं जिले का यातायात सीटी के सहारे ही रेंग रहा है। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस, होमगार्ड व पीआरडी जवान तो हैं पर संसाधनों की कमी है। सड़कों पर रेडियम पट्टी, लाइटें, पथ प्रदर्शक यंत्र व बोर्ड का अभाव है। लाल, हरी व पीली बत्ती यातायात व्यवस्था के लिए नहीं लगीं हैं। मानक से अधिक सवारियां वाहनों में बैठतीं हैं। कई वाहन बिना पंजीकरण के भी दौड़ते हैं।
विज्ञापन

डेढ़ महीने पहले अधिकारियों ने तहसील सदर सभागार में बैठक कर यातायात व्यवस्था के लिए बैठक की थी। इसमें तिर्वा मार्ग पर टेंपो स्टैंड के अलावा कृषि नवीन मंडी समिति जीटी रोड ओवरब्रिज के नीचे भी स्टैंड बनाने पर चर्चा हुई थी। यात्रियों के लिए पानी, छांव, शौचालय आदि की भी व्यवस्था करने की बात कही गई थी। अब तक इस व्यवस्था को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। प्रभारी एआरटीओ रामबाबू दोहरे का कहना है कि प्रक्रिया चल रही है। जीटी रोड सड़क चौड़ीकरण होने के बाद वाहन स्टैंड बन सकेगा।
शहर का रोडवेज बस अड्डा, लाखन चौराहा, नगर पालिका परिषद मार्ग, मकरंदनगर आदि स्थानों पर अक्सर जाम लगता है। जीटी रोड भी जाम से अछूता नहीं है। ऐसा भी नहीं है कि यहां यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए यातायात पुलिस कर्मियों आदि की तैनाती भी न होती हो पर जाम की दिक्कतें आम हैं।
विज्ञापन

जीटी रोड किनारे आड़े तिरछे खड़े टेंपो, निजी बसों का कब्जा, फुटपाथ पर लगी दुकानें भी यातायात व्यवस्था को मुश्किल में डाल रहीं हैं। बड़ा हादसा होता है या शासन का फरमान आता है तो दो-चार दिन अभियान चलाकर वाहवाही लूट ली जाती है। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। ऑटो में तीन सवारियां बैठाने का नियम है पर चालक समेत सात लोग बैठते हैं। पांच से सात सवारियां बैठने वाले टेंपो आदि तिपहिया वाहन पर चालक समेत 17 लोग बैठाते हैं।
-------------------------
प्रतिवर्ष 20 हजार नए वाहन बढ़ते हैं
जनपद में वाहनों की संख्या भी हर साल बढ़ती जा रही है। इसकी वजह से भी यातायात व्यवस्था को संभालना टेड़ी खीर हो गया है। प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन रामबाबू दोहरे बताते हैं कि जिले में 2,49,786 वाहन हैं। हर साल 19 से 21 हजार नए वाहनों का पंजीकरण होता है। इसमें 16 हजार दोपहिया वाहन शामिल हैं।
--------------
जनता का है यह सुझाव
फोटो:08- अनूप स्वरूप सक्सेना।
नेतागिरी भी एक बड़ी समस्या
शहर के मोहल्ला बुधवारी के 52 वर्षीय व्यापारी अनूप स्वरूप सक्सेना बताते हैं कि आठ साल पहले नगर पालिका मार्ग की बजाय कोतवाली के पीछे वाले रोड से रूट डायवर्जन किया गया था। इससे काफी राहत मिली थी। केवल स्कूली बसें ही निकलतीं थीं। नेतागिरी हावी होने के बाद कुछ दिनों में ही वाहन पालिका मार्ग से गुजरने लगे। अब दोबारा रोड पर जाम लगने से व्यापार भी प्रभावित होता है।
-------------------------
फोटो:09- मुन्ना वर्मा।
खुद में सुधार से व्यवस्था सुधरेगी
सरायमीरा जीटी रोड किनारे के 55 वर्षीय दुकानदार मुन्ना वर्मा का कहना है कि समस्या का समाधान मिलकर करना होगा। यातायात समस्या के लिए जनता, अधिकारी दोनों ही अपने में सुधार करें। यातायात नियमों से वाहन चलाएं तो हादसे कम होंगे और जाम भी नहीं लगेगा। जाम लगने का मुख्य कारण पहले निकलने की होड़ में एक-दूसरे वाहनों के आगे के आगे खुद का वाहन खड़ा कर देते हैं। लोगों को स्वयं में बदलाव करना होगा।
------------------------
फोटो:10- उमाकांत शुक्ल।
नियमों का पालन जरूरी है
यातायात व्यवस्था को सुधारा जा सकता है पर जब खुद में सुधार करें। नियमों का पालन जरूरी है। सड़कों पर वाहनों की संख्या हर रोज बढ़ रही है। इसके बावजूद यात्री वाहन भरे चलते हैं। जरूरत पड़ने पर समय पर भी नहीं मिलते हैं।
-------------------------
अधिकारियों की भी सुनें
प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन रामबाबू दोहरे बताते हैं कि वाहन चलाते समय अनुशासन जरूरी है। हेलमेट, सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करने व अपनी साइड में चलने का नियम सभी को पता होता है पर पालन कोई नहीं करता है। मार्गों के हिसाब से वाहनों की गति नियंत्रण में होकर चलाएं। जिन वाहनों पर मानक से अधिक सवारियां चलतीं हैं। उसमें दोष सिर्फ चालक या मालिक का ही नहीं यात्रियों का भी होता है। कोई दुर्घटना हो तो एक घंटे के अंदर घायल की मदद होने से उसकी जान बचाने के 70 फीसदी मौके होते हैं। साथ ही मदद करने वाले का नाम संबंधित थाना के बोर्ड में लिखा जाता है और पांच हजार रुपये को पुरस्कार भी मिलेगा।
विज्ञापन

--------------------------
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें