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डेंगू की जांच के नाम पर वसूली

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फोटो:16- राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीज के ब्लड का सैंपल लेता कर्मचारी। संवाद - फोटो : KANNAUJ
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तिर्वा। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमा सिर्फ राजकीय मेडिकल कॉलेज की एलाइजा जांच को ही मान रहा है। प्राइवेट पैथोलॉजी में जांच के दौरान कई मरीजों को डेंगू निकला। प्राइवेट पैथोलॉजी में मरीजों से एक से दो हजार रुपये बुखार व डेंगू की जांच के नाम पर वसूले जा रहे हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा में अब तक डेंगू की 167 जांचों में 25 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जानकारों की मानें तो डेंगू के 25 केस तो एक-एक निजी पैथोलॉजी में निकल चुके हैं, जिनको स्वास्थ्य महकमा मानने को तैयार नहीं है। महकमे का दावा है कि निजी पैथोलॉजी में जांच किट से होती है और मेडिकल कॉलेज में एलाइजा किट से। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक के लोग निजी पैथोलॉजी पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में डेंगू की जांच कराने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के आसपास और नगर में कई पैथोलॉजी व कलेक्शन सेंटर खुले हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में उच्च स्तरीय मशीनों व विशेषकों की ओर से डेंगू की जांच की जाती हैं, जिसमे थोड़ा समय लगता हैं। प्राइवेट पैथोलॉजी वाले किस विधि व किन मशीनों से जांच करते हैं, इसकी जानकारी नहीं है।
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डॉ. दिलीप सिंह, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
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हम लोग डेंगू की जांच एलाइजा विधि से करते हैं, इस विधि से ही डेंगू की पुष्टि होती हैं।
संजीव त्रिपाठी, लैब इंचार्ज राजकीय मेडिकल कॉलेज
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फोटो:17- लाल बहादुर। संवाद
निजी पैथोलॉजी कर रहे खौफ का सौदा
निजी पैथोलॉजी में डेंगू के खौफ का सौदा किया जा रहा है। डेंगू की जांच के नाम पर मनचाहा शुल्क वसूला जा रहा है। पिछले सप्ताह मेरे बेटे को बुखार आया था, जांच कराने पर एक प्राइवेट पैथोलॉजी ने 350 रुपये लिए।
लाल बहादुर, हरीपुर्वा
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फोटो:18 - उमंग गुप्ता। संवाद
देरी से मिलती है जांच रिपोर्ट
प्राइवेट पैथोलॉजी की जांच रिपोर्ट पांच घंटे के अंदर ही मिल जाती हैं। सरकारी पैथोलॉजी में जांच कराने के एक दिन बाद रिपोर्ट मिलती हैं। इसके अलावा दोपहर एक से दो बजे तक काउंटर बंद हो जाता है, इसलिए लोग निजी पैथोलॉजी की ओर भागते हैं।
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उमंग गुप्ता, इंदिरानगर तिर्वा
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