कन्नौज। नगर पालिका की प्रतिदिन दो चरणों में सफाई के दावों की मुख्य मार्गों पर लगे कूड़े के ढेर पोल खोल रहे हैं। सफाई कर्मियों की भारी भरकम फौज के बाद शहर के हालात बदतर हैं। लाखों में खरीदे गए सफाई के संयंत्र धूल फांक रहे हैं। बजट का बंटाधार व कमीशनखोरी के साथ फिर से लाखों में नए संसाधन खरीदने की तैयारी चल रही है।
नगर पालिका में 25 वार्ड व छोटे बड़े 125 मोहल्ले हैं। पांच किलोमीटर के शहरी क्षेत्र में सफाई करने के लिए नगर पालिका के पास 400 से अधिक सफाई कर्मचारी हैं। पालिका सुबह व शाम की दो शिफ्टों में नगर को पूर्णतया स्वच्छ रखने का दावा करती है। वास्तविकता में शहर के मुख्य मार्गों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। मोहल्लों में नालियां बजबजा रहीं हैं। खाली प्लाट कूड़ेदान बने हुए है। सफाईकर्मी सरकारी काॅलोनी व कार्यालयों के बाहर पड़ा कूड़ा दो-दो दिन तक नहीं उठाते हैं। कलेक्ट्रेट के पास नगर पालिका के लाखों रुपये के संयंत्र कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं।
नगर पालिका फ्रंट लोडर टू डीएक्स, फ्रंट लोडर ट्रैक्टर, हाईड्रोलिक कूड़ा उठाने की बड़ी गाड़ी, 19 लाख की लागत से लोहे के 40 कूड़ादान खरीदने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए 55.30 लाख रुपये का बजट मिल गया है। सूत्रों के अनुसार खरीदारी में 30 प्रतिशत कमीशन सप्लाई करने वाले ठेकेदार को देना होता है। इसके चलते ही नए संसाधन खरीदने पर जोर रहता है। इसी के चलते पुराने संयंत्रों की मरम्मत करवाने में पालिका का रुझान नहीं रहता।
वर्जन
नगर में प्रतिदिन दो शिफ्टों में सफाई करवाई जाती है। उसके बाद भी कहीं कूड़े के ढेर लगे हुए तो उसको संज्ञान में लेकर काम कराया जाएगा। संबंधित सफाई नायकों से जबाव-तलब कर कार्रवाई की जाएगी।
- श्यामेंद्र मोहन चौधरी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका