कन्नौज। सुगंधीय कारोबार के साथ अब सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) ने चिकित्सा क्षेत्र में पहल की है। आयुष मंत्रालय दिल्ली के सहयोग से अब खुशबू से कई बीमारियों का इलाज होगा। इसके लिए जल्द ही देश के सुगंधीय और दवा कंपनियों के कारोबारियों को औषधीय पौधों की खुशबू कैद कर अरोमाथैरेपी का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दिल्ली आयुष मंत्रालय, मुंबई और लखनऊ आयुष मंत्रालय के सहयोग से एफएफडीसी के विशेषज्ञों ने खुशबू से दवा बनाने का शोध किया है। जल्द ही देश में खुशबू उपचार (अरोमाथैरेपी) को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए 16 फरवरी से 18 फरवरी तक तीन दिवसीय ऑनलाइन सुगंधीय कारोबारियों और दवा कंपनी के विशेषज्ञों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण डा. श्रीकांत डिप्टी डायरेक्टर जनरल आयुष मंत्रालय दिल्ली, सलाहकार डा. रंजीत मोगा, कास्मेटिक अरोगाथैरिपी विशेषज्ञ मुंबई और एफएफडीसी के प्रधान निदेशक डा. शक्ति विनय शुक्ला देंगे। प्रशिक्षण में चंदन, गुलाब, लेबेंडर, हल्दी, यूकेलिप्टस, तुलसी, मेंथा (पिपरमेंट) का तेल निकालकर खुशबू कैद करने के साथ कौन सी बीमारी में किसकी खुशबू कारगर होगी, इसकी जानकारी दी जाएगी।
एफएफडीसी के प्रधान निदेशक डा. शक्ति विनय शुक्ला ने बताया कि सुगंध से इलाज बाजार में उपलब्ध दवाओं के मुकाबले ज्यादा असरदायक होगा। खुशबू से इलाज को बढ़ावा देने के लिए 16 फरवरी से ऑनलाइन तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है।
इस तरह खुशबू से होगा उपचार
कन्नौज। अरोमा का अर्थ है खुशबू और थैरेपी का मतलब है उपचार करना होता है। डा. शक्ति विनय शुक्ला ने बताया कि यह एक औषधीय उपचार की प्रक्रिया है। पौधों से तेल निकाला जाएगा। तेल के सूंघने या भाप लेने से बीमारियां दूर होंगी। तेलों से मालिश व पानी में मिश्रण कर नहाया भी जा सकता है।
हर्बल कारोबार को बढ़ावा देने के लिए शुरू हुआ था शोध
हर्बल कारोबार को बढ़ावा देने के लिए एफएफडीसी ने खुशबू से उपचार पर शोध शुरू किया था। 2020 में करीब 10 सुगंधीय, औषधीय व अन्य पेड़ों का तेल निकाल कर खुशबू से इलाज का सफल परीक्षण किया है। एफएफडीसी के प्रधान निदेशक डा. शक्ति विनय शुक्ला ने बताया कि आयुर्वेद के आधार पर इसका शोध सफल रहा है। आयुष मंत्रालय, दिल्ली ने भी खुशबू से उपचार का परीक्षण कारगार माना। इससे अब अरोमाथैरिपी का प्रशिक्षण देकर इसे बढ़ावा देने का काम शुरू किया गया।
- चंदन:- चंदन की खुशबू से त्वचा की बीमारियां दूर होगी। गर्मियों में सिर दर्द में भी आराम मिलेगा।
- लेबेंडर:- लेबेंडर की खुशबू लेने से मानसिक रोगी को आराम मिलेगी। इसकी खुशबू से नींद आती है।
- यूकेलिप्टस और मेंथा:- यूकेलिप्टस और मेंथा की खुशबू से सर्दी जुकाम और खांसी में फायदा मिलेगा।
- तुलसी:- तुलसी के खुशबू या गर्म पानी में डालकर भाप लेने से सर्दी लग जाने पर आराम मिलेगा।
- गुलाब:- गुलाब की खुशबू से पित्त दोष में शांति मिलती है। इसकी महक से तनाव के अलावा पाचन में आराम मिलता है।
- चमेली- चमेली की खुशबू से बंद नाक, सीने की जकड़न में राहत पहुंचेगी।
- नींबू:- नींबू की महक दिमाग को शांत रखती है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।