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मिर्गी को झाड़फूंक की नहीं, इलाज की जरूरत

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मेडिकल कालेज में मरीज देखते प्राचार्य नवनीत कुमार - फोटो : KANNAUJ
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तिर्वा। मिर्गी यानी दौरा की शिकायत पर झाड़फूंक के चक्कर में लोग न पड़ें। ऐसे रोगियों को चिकित्सक के पास ले जाकर उपचार कराएं। दवाईयाें से मर्ज को दूर भगाया जा सकता है। यह बात प्राचार्य डा. नवनीत कुमार ने ओपीडी में मरीजों को जागरूक करते हुए कही।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में सोमवार को न्यूरो की ओपीडी में प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार के मरीजों को देखने की खबर पर मरीजों की लाइनें लग गईं। डॉ. नवनीत कुमार ने न्यूरो संबधित सभी मरीजों जांच कर दवाएं लिखीं। ओपीडी में आए मिर्गी के मरीजों को प्राचार्य ने बताया कि मिर्गी से देश में करीब सवा करोड़ लोग प्रभावित हैं। इस रोग से मनुष्य को कभी-कभी झटके लगने शुरू हो जाते हैं।
व्यक्ति गिर पड़ता है। उसके शरीर में चोटें भी आ जाती हैं। अक्सर लोग इस बीमारी की झाड़फूंक में जुट जाते हैं। उन्हें लाभ नही मिल पाता और मर्ज धीरे-धीरे बढ़ जाता है। इस मर्ज की दवाइयां आ चुकी हैं। दवाइयां खाने से मर्ज भगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में 70 मरीजों जांच कर दवाइयां लिखीं।
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