तालग्राम। कायस्थान मोहल्ले में मंगलवार को डायरिया के 10 और मरीज मिले हैं। ये सभी अन्य मरीजों की तरह उल्टी व दस्त से पीड़ित हैं। इस मोहल्ले से सटे अकरमाबाद गांव में भी पिता और पुत्री समेत पांच पीड़ित सामने आए हैं। खास बात यह है कि पिता-पुत्री के परिवार में उल्टी दस्त से बीते शुक्रवार को एक बच्चे की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य महकमा सार्वजनिक रूप से भले ही डायरिया फैलने की बात स्वीकार न कर रहा हो, लेकिन अंदरखाने एक्यूट डायरियल एपिसोड दर्ज कर इसे नियंत्रित करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
अकरमाबाद में नरेश चंद्र (50) और उनकी पुत्री नताशा (15) व गांव की ही जीनत (15) पुत्री अब्दुल हकीम को भी उल्टी दस्त से पीड़ित पाया गया। नरेश और नताशा का घर के बाहर पड़े छप्पर के नीचे इलाज किया गया। नरेशचंद्र के छोटे भाई दिवारीलाल (45) और उसकी पत्नी अनीता (42) को भी शनिवार को उल्टी दस्त से परेशानी हुई थी, लेकिन इनकी स्थिति अब ठीक है। हालांकि शुक्रवार को ही दिवारी और अनीता के पुत्र हिमांशु (6) की उल्टी दस्त से मौत हो चुकी है। इनकी दो पुत्रियां हिमांशी (11) और प्रांसी (4) भी उल्टी दस्त से पीड़ित हैं। इनमें से प्रांसी का उपचार गुरसहायगंज के एक प्राइवेट डाक्टर के यहां चल रहा है। इसके अलावा तालग्राम में कायस्थान निवासी साबिर (75) और उनके पुत्र पप्पू (38) उल्टी दस्त से पीड़ित हैं। इसी मोहल्ले की सायरा (70) और रीना (13) पुत्री सुभाष भी उल्टी दस्त की चपेट में हैं। मोहल्ला पंडनटोला निवासी शकुंतला (40) पत्नी दयानंद और तालाबकला निवासी प्रिया (9 माह) पुत्री लाखन भी उल्टी दस्त से परेशान हैं। इन सभी का इलाज चल रहा है। इन सभी को डायरिया में इस्तेमाल होने वाली दवाएं दी जा रही हैं। लक्षण भी डायरिया जैसे हैं।
एक दिन पहले हो चुकी है तीन की मौत
मोहल्ला कायस्थान में सोमवार को उल्टी व दस्त से दो सगी बहनों समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने यहां शिविर लगवाया तो 12 और लोग उल्टी दस्त से पीड़ित मिले। मृत बहनों की मां और बाबा का भी फर्रुखाबाद के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मृतकों के परिजनों को दिलाई सहायता
एसडीएम के निर्देश पर तालग्राम के अधिशासी अधिकारी घनश्याम राय ने मंगलवार को तीनों मृतकों के परिजन को आर्थिक मदद पहुंचाई। रिया और रितिका के परिजन को दस हजार रुपये और उमा के पिता रामऔतार को पांच हजार रुपये की सहायता दी गई है।
शुरू हुआ दवा का छिड़काव
मोहल्ला कायस्थान में मंगलवार को विशेष सफाई अभियान चलाया गया। चूने का छिड़काव करने के साथ ही नालियों में भी दवा का छिड़काव कराया गया।
निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात
एसीएमओ डा. बृजेश शुक्ला ने दबी जुबान में स्वीकारा कि यह डायरिया का ही मामला है। लिहाजा इस्तेमाल किए जा रहे पानी को लेकर बेहद सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि तालग्राम में निगरानी के लिए विशेष स्वास्थ्य टीम गठित कर दी गई है। इस टीम का डेरा सभी बीमार लोगों के उपचार होने तक रहेगा।
आठ माह से नहीं हुई पानी की टंकी की सफाई
तालग्राम नगर पंचायत क्षेत्र में पानी की दो टंकियां हैं। इन टंकियों से करीब 1100 घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है। चौखट तिराहा स्थित पानी की टंकी की क्षमता 65000 गैलन है, जबकि किला में स्थिति टंकी की क्षमता चार हजार गैलन है। दोनों ही टंकियों की सफाई आठ माह से नहीं हुई है। नियमानुसार हर छह माह में टंकी की सफाई होनी चाहिए। ईओ ने बताया कि टंकी की सफाई कराई जाएगी।