छिबरामऊ। नगर के सौ शैया अस्पताल से निकाले गए स्वास्थ्य कर्मियों की पैरवी करने के लिए शुक्रवार को सीएमएस लखनऊ जाएंगे। सीएमएस लखनऊ में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं से मिलकर स्टाफ नर्सों के 15 और पद सृजित किए जाने की मांग करेंगे।
मंगलवार को सौ शैया अस्पताल से निकाले गए पुरुष स्टाफ नर्स वीरेंद्र तिवारी, विवेक कुमार, प्रत्यूष त्रिपाठी, महिला स्टाफ नर्स अनन्या, मोनिका, प्रीती देवी, अंशू तिवारी सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी के पास पहुंचीं और उनसे अस्पताल में वापसी के बारे में जानकारी ली।
सीएमएस ने बताया कि उन्होंने स्टाफ नर्सों के 15 पद सृजित करने के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिखा था, जिसका अभी तक जवाब नहीं मिला है। अब वे फिर से रिमांइडर भेज रहे हैं, यदि इसका भी जवाब नहीं मिला तो वे शुक्रवार को खुद लखनऊ जाकर उनसे मुलाकात करेंगे। वे महानिदेशक के सामने निकाले गए स्वास्थ्य कर्मियों का पक्ष रखेंगे।
अस्पताल में 30 नियमित स्टाफ नर्सों के पद सृजित
सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि सौ शैया अस्पताल में नियमित स्टाफ नर्सों के 30 पद सृजित हैं, लेकिन शासन की ओर से कोई भी नियमित स्टाफ नर्स यहां नहीं भेजी गई है। ऐसे में आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगीं स्टाफ नर्सों के सहारे अस्पताल की व्यवस्थाएं संचालित हो रहीं हैं। ऐसे में अब शासन की तरफ से 30 नियमित स्टाफ नर्सों के पद भरे जाएं, या फिर आउटसोर्सिंग के माध्यम से 15 नए पद स्वीकृत किए जाएं।
कोई अनशन तो कोई आत्मदाह की दे रहा चेतावनी
सौ शैया अस्पताल से निकाले गए स्वास्थ्य कर्मियों का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब और वापसी की संभावना नहीं दिख रही है। इससे स्वास्थ्य कर्मी आहत हैं। अब कोई स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल गेट पर अनशन करने की बात कह रहा है तो कोई आत्मदाह करने की चेतावनी दे रहा है। हालांकि अभी तक स्वास्थ्य कर्मियों को अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।