कन्नौज। बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के आह्वान पर जिले भर के वकील हड़ताल पर चले गए। वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर नारेबाजी की। यह विरोध सरकार से संचालित योजनाओं का वकीलों को लाभ न मिलने पर था। बाद में कलक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में स्थित अधिवक्ता चेंबर में वकीलों की बैठक हुई। अध्यक्षता कन्नौज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम भजन सिंह पाल ने की। उन्होंने कहा कि सरकार वकीलों के प्रति उदासीनता बरत रही है। भाजपा ने संकल्प पत्र में अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति से प्राप्त होने वाली धनराशि को 1.50 लाख से पांच लाख रुपये करने का दावा किया था। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। वकीलों की मृत्यु पर पांच लाख रुपये मिलते थे। वह भी बंद कर दिए गए। प्रदेश के करीब 300 अधिवक्ताओं की विधवा व परिवारीजन धनराशि न मिलने से बार काउंसिल के चक्कर काट रहे हैं। बार काउंसिल ने अधिवक्ताओं की समस्याओं को सरकार के समक्ष कई बार रखा। ध्यान नहीं दिया गया। वकीलों ने इसके विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। बाद में कलक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा को दिया।
इस मौके पर महासचिव कृष्णकांत यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ब्रज मोहन त्रिपाठी, एहसानुल हक, खान मुस्तफा, मनोज कुमार द्विवेदी, अमित कुमार यादव, अहमद जमा खां, मोहम्मद वाहिद, रामसच्चे यादव, अमित कुमार राठौर समेत कई वकील मौजूद रहे। जिला लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रामबाबू राठौर व महासचिव शिवम मिश्रा व अधिवक्ता संघ कलक्ट्रेट के अध्यक्ष अजय कुमार यादव व सचिव कांशीराम कुशवाहा ने अधिवक्ता विरोधी नीतियों से आहत होकर न्यायिक कार्य से विरत रहकर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से कलक्ट्रेट परिसर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
एसडीएम को ज्ञापन देकर सुरक्षा की मांग
तिर्वा। वकीलों के साथ जगह-जगह हो रही मारपीट व हत्या की घटनाओं के विरोध में सुरक्षा की मांग को लेकर वकीलों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। बार काउंसिल के आह्वान पर तिर्वा तहसील के वकीलों ने सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। सीएम से संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया गया। इसमें कहा गया कि प्रदेश में आए दिन वकीलों के साथ घटनाएं हो रही हैं। मारपीट के साथ-साथ कई वकीलों की हत्याएं हो चुकी हैं। लायर्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीशंकर राजपूत ने बताया कि वकीलों के साथ घटनाओं को लेकर सरकार कड़ा कानून बनाए। इस मौके पर रहीस अहमद, सतीश राजपूत, रामगोपाल, बृजेश शर्मा, बल्लू चौहान, बलराम, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र राजपूत, समेत अन्य वकील मौजूद रहे।