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Kannauj News: ठेकेदार हनीफ की तलाश में जीआरपी ने दी दबिश

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कन्नौज। शटरिंग टूटने से निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन का भवन गिरने से 26 मजदूरों के घायल होने के मामले में मुख्य आरोपी ठेकेदार मोहम्मद हनीफ की तलाश में जीआरपी ने बुधवार को कई स्थानों पर दबिश दी। सर्विलांस से कॉल डिटेल निकालकर पुलिस करीबियों से उसके बारे में पूछताछ कर सुराग लगा रही है।
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पीएम गति शक्ति रेलवे के अधिशासी अभियंता विपुल माथुर ने जीआरपी थाना फर्रुखाबाद में ठेकेदार रामविलास राय, इंजीनियर सूरज प्रकाश मिश्रा के खिलाफ 12 जनवरी को मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की विवेचना चौकी इंचार्ज दीपक त्रिवेदी को दी गई। एसओ संदीप तोमर ने विवेचक के साथ घायल मजदूरों के बयान लिए। बयान के आधार पर जनपद बरेली के गांव दीदारपट्टी निवासी शटरिंग ठेकेदार मोहम्मद हनीफ विवेचना में मुख्य आरोपी बनाया गया। शटरिंग ठेकेदार की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया। ठेकेदार का मोबाइल नंबर घटना के दूसरे दिन से स्विच ऑफ हो गया। सर्विलांस पर ठेकेदार का नंबर लगाकर जीआरपी ने करीबियों का सुराग लगाया। इसके बाद जीआरपी ने बरेली सहित कई स्थानों पर मोहम्मद हनीफ की तलाश में दबिश मारी। थाना संदीप तोमर ने बताया कि जीआरपी की टीमें ठेकेदार मोहम्मद हनीफ की तलाश में लगी है। शीघ्र ही उसको गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

ठेकेदार के लालच के चलते हुआ हादसा
ठेकेदार मोहम्मद हनीफ के लालच के कारण इतना बड़ृा हादसा हुआ। जांच में पता चला कि ठेकेदार मोहम्मद हनीफ को बरेली से लोहे के गर्डर लाने के लिए कहा गया था। हनीफ ने कुछ गर्डर मंगवाए थे। लिंटर का एरिया बढ़ा होने पर उसको और गर्डर मंगवाने के लिए कहा गया था पर लालच के चलते कन्नौज के एक शटरिंग ठेकेदार से संपर्क कर बल्लियां मंगवा ली। मजदूरों ने भी इसका विरोध किया था। हैरत की बात है कि इंजीनियर सूरज प्रकाश मिश्रा ने सब कुछ देखने के बाद भी काम नहीं बंद कराया।
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मीडिया को रोकने के लिए लगाए गुर्गे
शटरिंग टूटने से निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन का भवन 11 जनवरी को गिर गया था। घटना के दिन राहत बचाव कार्य में नगरपालिका व एनडीआरएफ की टीम लगी रही थी। दो दिन तक नगर पालिका मलबा हटवाती रही। इसके बाद से ठेकेदार के कर्मचारी जेसीबी लेकर मलबा हटवाने के काम में जुट गए। ठेकेदार ने घटना को तूल देने से रोकने के लिए मौके पर अपने गुर्गे तैनात करवा दिए है। वह मीडियाकर्मियों को अंदर जाने से रोक रहे है। पूछने पर बोले सब कुछ हो चुका अब यहां क्या रखा है।
चार दिन बीते, नहीं आई रेलवे की जांच टीम
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने जानकारी दी थी कि हादसे की जांच के लिए रेल मंत्रालय के निर्देश पर एक जांच कमेटी का गठन किया गया है। उच्चस्तरीय कमेटी में मुख्य इंजीनियर, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, मुख्य संरक्षा अधिकारी, मुख्य संरक्षा आयुक्त को शामिल किया गया है। 11 जनवरी को हादसा हुआ था, लेकिन अभी तक उच्च स्तरीय कमेटी मौके पर जांच करने नहीं आई। अभी तक निर्माण सामग्री की जांच रिपोर्ट भी नहीं आई है।
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