पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो
अलैहे वसल्लम के जन्मदिवस बारावफात के मौके पर गुरुवार की दोपहर कड़ी
सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकले जुलूस मोहम्मदी में जनसैलाब उमड़ पड़ा।
जुलूसे
मोहम्मदी दारुल उलूम गौसिया रजानगर मोहल्ला सैयदबाड़ा से शुरुआत हुई, जो
मोहल्ला बिरतिया, लाहौरी टोला, ऊंचा, जेरकिला, अस्पताल रोड और बाजार के
मुख्य मार्ग से होकर पश्चिमी बाईपास स्थित दरगाह तक जाकर वापस लौटा। बैंड
की धुन पर बच्चे और नौजवान नाते पाक पढ़ रहे थे।
नगर में कई जगह स्वागत
किया गया। जुलूसे मोहम्मदी का मोहल्ला दीक्षितान के सामने छिबरामऊ महोत्सव
आयोजन समिति की ओर से और पीपल चौराहा पर व्यापार मंडल की ओर से भी जोरदार
स्वागत किया गया। उधर, सौरिख के मदरसा हयातुल उलूम से जुलूसे मोहम्मदी की
शुरुआत हुई।
जुलूस कबीरपुर, राजापुर, सरदापुर, नगरिया महादेव, इस्लामनगर,
आजाद नगर, कायमपुर और सौरिख के मोहल्लों से भ्रमण करता हुआ सदर बाजार,
आजादनगर, शेखाना, सुभाषनगर से सलातोसलाम पर खत्म हो गया। उधर, पट्टी
सकरावा में जुलूसे मोहम्मदी सैयदनगर से काजीनियाज साहब इमाम की सदारत में
निकाला गया, वहीं विशुनगढ़ कस्बे में हाफिज तलकीन रजा साहब की सदारत में
मस्जिद से जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया।
उधर, जुलूस के दौरान एसडीएम महेश
प्रसाद दीक्षित, सीओ वीपी सिंह सोलंकी, कोतवाल आरपी पांडेय के नेतृत्व में
भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान जुलूस के साथ-साथ चल रहे थे। इसके
अलावा कई जगह पुलिस की पिकेट ड्यूटी भी लगाई गई थी। साथ ही ट्राफिक
व्यवस्था सुचारु बनाए रखने को पहले से ही रूट डायवर्जन बना लिया गया था।
उसी के अनुसार छोटे वाहनों को गलियों से आने-जाने दिया गया।