फोटो :20: 20 अगस्त के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित समाचार
कन्नौज। अमर उजाला में 20 अगस्त को आलू किसानों की दुर्दशा पर खबर छपने के बाद शासन स्तर पर हलचल हुई। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने कन्नौज का दौरा किया। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज और खेतों का निरीक्षण कर किसानों की समस्याएं सुनीं और तीन बड़ी सरकारी योजनाओं की घोषणा की।
अपर मुख्य सचिव ने तिर्वा क्षेत्र के ग्राम फगुहा स्थित कोल्ड स्टोरेज में किसानों से बात की। उन्होंने बताया कि भामाशाह भाव स्थिरता कोष के तहत एक हजार करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। यह कोष बाजार में उतार-चढ़ाव से किसानों को सुरक्षा देगा और फसल का उचित मूल्य दिलाएगा। भंडारण शुल्क में छूट के लिए 100 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है। इससे कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने वाले किसानों का आर्थिक बोझ कम होगा। आधारीय आलू बीज पर सब्सिडी भी दी जाएगी। किसानों को उच्च गुणवत्ता का बीज आसानी से उपलब्ध कराने के लिए एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की सीधी छूट मिलेगी। सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निरीक्षण के दौरान उप निदेशक (आलू) गीता त्रिवेदी और आलू विकास अधिकारी धीरेंद्र मिश्रा भी उपस्थित रहे। जिला उद्यान अधिकारी आशीष कटियार भी इस दौरान मौजूद थे।
ड्रैगन फ्रूट की खेती और सब्जियों का मैजिक पाउडर देखा
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ग्राम नजरापुर में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत स्थापित प्रसंस्करण इकाइयों में गए। उद्यमियों ने बताया कि पहले टमाटर, प्याज और लहसुन सड़ जाते थे, लेकिन अब आधुनिक निर्जलीकरण इकाई से सुखाकर इनका पाउडर बनाया जा रहा है, जिसकी मांग शहरों में बहुत अधिक है। तिर्वा में वैभव प्रकाश श्रीवास्तव के छह बीघा में लगे ड्रैगन फ्रूट के फार्म और ड्रिप सिंचाई मॉडल का भी निरीक्षण किया। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को मजबूत बनाना है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि राहत का लाभ अंतिम किसान तक बिना किसी देरी के पहुंचे।
फोटो :20: 20 अगस्त के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित समाचार