तिर्वा (कन्नौज)। गोवंशों को धूप और बारिश से बचाने के लिए गोशालाओं में डाले गए टिनशेड में खेल हो गया। गोवंशों की कम संख्या से समायोजित होने के बाद खाली हुईं गोशालाओं से यह गायब हो गए। अब 30 की जगह 12 गोशालाएं रह गई हैं। टिनशेड गायब कर लोगों ने सरकारी धन का दुरुपयोग कर लिया है।
अन्ना गोवंशों के लिए सरकार के निर्देश पर उमर्दा ब्लाक में करीब 30 गोशालाओं का निर्माण कराया गया था। यहां गोवंशों को रखा गया था। इन्हें धूप और बारिश से बचाने के लिए टिनशेड डाले गए थे। एक गोशाला में टिनशेड का खर्च करीब तीन लाख रुपये था। यह धन पंचायतीराज विभाग की ओर से दिया गया था। बाद में समायोजन में तीस की जगह 12 गोशालाएं रह गईं। समायोजन वाली 18 गोशालाआें से ज्यादा में टिनशेड गायब हैं।
ब्लाक के चंदौली मौजा के मजरा बदलेपुर्वा में भी गोशाला का निर्माण कराया गया था। यहां की गोशाला जनखत में समायोजित हो गई। समायोजन के बाद गोवंशों से खाली हुई गोशाला से टिनशेड गायब है। ऐसा हाल समायोजन वाली कई गोशालाओं का है।
बीडीओ को पत्र भेजकर जांच कराई जाएगी
उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.संजय शाल्या का कहना है कि समायोजन वाली गोशालाओं से टिनशेड उतारने का नियम नहीं है। यह गोशाला सरकारी हो चुकी हैं। यहां किसी भी सामान से छेड़छाड़ करना गलत है। अगर गोशाला से टिनशेड उतारे गए तो बीडीओ को पत्र भेजकर जांच कराई जाएगी। टिनशेड गायब होना सरकारी धन का दुरुपयोग है।