तालग्राम(कन्नौज)। इलाके में अन्ना गोवंश किसानों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। गोशालाओं की बदइंतजामी के चलते यह फसलें चर रहे हैं। इनके खेतों में घुसने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसानों का आरोप है कि जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते ऐसा हो रहा है।
इलाके में गोशालाओं के बाद भी गोवंश छुट्टा घूम रहे हैं। गोशालाओं में चारे व पानी का मुफीद इंतजाम न होने से यह खेतों में पहुंच जाते हैं। चरने के साथ खेत में बड़ी संख्या में घुसे अन्ना गोवंश फसलेें रौंद डालते हैं। इससे किसानों को तगड़ा नुकसान हो रहा है। किसानों के मुताबिक कई बार शिकायतों के बाद भी अन्ना गोवंशों से निजात नहीं मिल रही है। इलाकाई किसान नरेंद्र सिंह, मनोज, अजय सिंह, अनिरुद्ध, तेजराम, श्याम सिंह व रामचंद्र ने बताया कि भवनियापुर अमोलर, बरगांव, गदोरा, ताहपुर, सलेमपुर, मायापुर्वा, रोहली, अतरौली, अयूबपुर, कपूरापुर, बिरौली गांवों में अन्ना मवेशियों और वनरोजों का आतंक है। ग्रामीणों ने अन्ना मवेशियों को गोशाला में भिजवाने की मांग की है।
वहीं ब्लाक गोशाला नोडल अधिकारी डॉ. विकराल सिंह का कहना है कि अभियान चलाकर अन्ना गोवंशों को पकड़ा जा रहा है। इसमें ग्राम पंचायत अधिकारियों से सहयोग की अपील की गई है। जल्द अभियान चलाकर अन्ना गोवंशों को गोशाला में रखा जाएगा।
करीब सात सौ अन्ना मवेशियों ने चर डाली 300 बीघा फसल
इलाके में करीब सात सौ से अधिक अन्ना मवेशियों ने 300 बीघा गेहूं की फसल चरकर नष्ट कर दी। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। किसानों का कहना है कि अन्ना मवेशियों ने गेहूं की फसल चौपट कर दी है। इन्हें न पकड़ा गया तो आगे मक्का में भी नुकसान तय है।
पांच गोशालाओं में 115 गोवंश, बाकी बाहर
ब्लाक क्षेत्र की पांच अस्थायी गोशालाओं में 115 गोवंश हैं। रोहली गोशाला में 19, जयरामपुर गोशाला में 29, टिकरी कलसान में 21, गंगागंज गुरौली में 17 और नगर पंचायत की गोशाला में 29 गोवंश हैं। बाकी छुट्टा घूम रहे हैं।