नगर के मोहल्ला सराफान स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर में
चल रही श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में वृंदावन से पधारे बाल आचार्य
माधव दीक्षित ने कहा कि भगवान को केवल प्रेम ही प्यारा है।
उन्होंने
विदुरजी के चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए भक्तों को बताया कि भगवान
को केवल प्रेम ही प्यारा है, जबकि दुनिया के लोग पदार्थों से प्रेम करते
हैं और उन्हीं पदार्थों को भगवान को दिखाते हैं, जबकि भगवान सभी को एक समान
प्यार करते हैं। कहा कि व्यक्ति जब भगवान को भूल कर इधर-उधर भटकने लगता
है, तब उसका जीवन कष्टमय बन जाता है।
उन्होंने ध्रुव चरित्र कथा के प्रसंग
का बड़े ही भावपूर्ण ढंग से वर्णन करते हुए कहा कि भगवत प्राप्त के लिए न
उम्र का बंधन है और न ही समय का बंधन है। उन्होंने कहा कि भगवान की
आराधना कभी भी, कहीं भी सच्चे मन से की जा सकती है। इससे पूर्व आचार्य सौरभ
त्रिपाठी एवं अमित मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन एवं यज्ञ
संपन्न कराया।
भगवत कथा के दौरान प्रस्तुत किए गए भजनों पर श्रोता झूम उठे।
कथा के दौरान हरीदास शर्मा ने तबला, अंकित दुबे ने पैड और शोभाराम ने आरगन
पर संगत दी। कथा में काफी संख्या में महिलाएं और भक्त उमड़ रहे हैं।