क्षेत्र के ग्राम तेरारब्बू निवासी एक युवक ने ग्लेडियस की फसल खेत में पैदा कर लाखों का मुनाफा कर अन्य किसानों को प्रेरणा दी है। देश के कई प्रांतों में सजावट के लिए भेजे जाने वाले ग्लेडियस ने क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है।
खेतों में आलू, गेहूं, मक्का, सरसों पैदा करने वाले किसान के लिए ग्राम तेरारब्बू निवासी युवा किसान संतोष तिवारी ने अपने खेत में सजावट में प्रयोग होने वाले ग्लेडियस की पैदावार कर जहां अन्य फसलों की उपेक्षा अधिक मुनाफा कमाया है। वहीं किसानों के लिए उन्नति के नए रास्ते खोल दिए हैं।
किसान संतोष तिवारी ने बताया कि इसकी पैदावार हालैंड में होती थी और धीरे-धीरे यह भारत में भी आ गई। प्रयोग के तौर पर उसने पहले मात्र एक बीघा में इसकी फसल बोई। इसका फूल दिल्ली, हैदराबाद, बंगलौर आदि जगह जाने लगा। मांग बढ़ने पर उसने खेती का दायरा बढ़ा दिया। बताया कि यह फूल सजावट के काम आता है।
15 दिन तक यह ताजा बना रहता है। मौजूदा समय में वह 15 बीघा खेत में इसकी फसल कर रहा है। फसल से 40 हजार रुपया बीघा मुनाफा मिल रहा है। उपज की विधि के बारे में बताया कि इसे लगाने से पहले तीन से चार बार खेत की जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा किया जाता है। इसकी बुआई अक्तूबर से शुरू होती है। इस फसल को 28 डिग्री का तापमान मिलना चाहिए। इससे अधिक तापमान पर फसल में कीड़ा लगने का डर रहता है।