पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग न मिलने से बिजली विभाग का चोरी रोको अभियान सुस्त पड़ गया है। रुटीन चेकिंग के नाम पर सिर्फ कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है। कई बदनाम (विभाग की नजर में संवेदनशील) मोहल्लों में जाने से टीम कतरा रही है। कागजी कोरम को दूसरे क्षेत्रों में जाकर पूरा किया जा रहा है। जबकि पूरे जिले में रोजाना 55 से 60 फीसदी बिजली चोरी की जाती है।
बिजली विभाग की जांच टीम को पुलिस सुरक्षा न मिल पाने के कारण बिजली चोरों को पकड़ने में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन इलाकों में 80 से 90 फीसदी घरों में चोरी की बिजली से ही उजाला हो रहा है। वहां डिशकनेक्शन टीम जाने से कतराती है।
बिजली विभाग के अधिकारी का कहना है कि संवेदनशील मोहल्लों में पहुंचते ही वहां के लोग टीम के सदस्यों को घेर लेते हैं। कार्रवाई शुरू करने से पहले ही हंगामा शुरू कर देते हैं। कई बार तो जान बचाने के लिए टीम को बैरंग लौटना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह पुलिस की तरफ से वाजिब सहयोग न मिलना है।
विभागीय अफसरों की मानें तो शादी व अन्य कार्यक्रमों में जमकर बिजली चोरी होती है। टेंट हाउस के अंदर लगी लाइटों को जगमगाने के लिए अस्थाई तौर पर कनेक्शन नहीं लिया जाता है। विभाग की ओर से अस्थाई कनेक्शन देने की व्यवस्था है, लेकिन चंद लोग ही ऐसा करते हैं।
99 फीसदी से भी ज्यादा लोग सीधे कटिया डालकर बिजली चोरी करते हैं। एक वैवाहिक या तिलक समारोह जैसे कार्यक्रम में लगभग 30 से 40 किलोवाट का लोड रहता है। समारोह के दौरान यदि बिजली की टीम पहुंचती है तो राजनैतिक दखलंदाजी इतनी ज्यादा हो जाती है कि कार्रवाई करना मुमकिन नहीं हो पाता है।
संवेदनशील मोहल्ले
ॎ शहरी क्षेत्र में शेखाना, बाबा हाजी, अहमदीटोला, हाजीगंज, शेखपुरा, सभी कांशीराम कालोनियां। ग्रामीण क्षेत्र में समधन, गुरसहायगंज, तिर्वा, सौरिख आदि क्षेत्र।
कांशीराम कालोनियों में अंधेरगर्दी
बिजली विभाग के मुताबिक कांशीराम कालोनी में सभी के आवास पर मीटर लगाए गए हैं। अभी तक 90 फीसदी लोगों ने बिल नहीं जमा किए हैं। मीटर से पहले केबिल काटकर घर में बिजली उपयोग कर रहे हैं। इससे जहां मीटर की रीडिंग कम निकल रही है, वहीं अभी तक एक बार भी बिल की अदायगी नहीं की गई है।
नहीं आ रहे बिजली बिल
जिला मुख्यालय पर करीब 1000 मीटरों के कनेक्शन किए गए थे। इनकी फीडिंग न हो पाने के कारण बिलिंग अभी तक नहीं की गई है। संयोजन फीड न होने के कारण उनकी डिटेल अभी तक नहीं निकल रही है। इससे उपभोक्ता खासे परेशान हैं। उन्हें आईडीएफ में बिल अधिक जमा करना पड़ रहा है।
ग्रामीण इलाकों में भी हो रही चोरी
शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण इलाके भी बिजली चोरी करने के मामले में पीछे नहीं रहना चाहते हैं। यही वजह है कि गांव में लोग बेखौफ होकर खुलेआम कटिया डालकर खंभों से बिजली चोरी कर रहे हैं। गांवों में सरदी के मौसम में धड़ल्ले से हीटर का प्रयोग होने के मामले सामने आए। पर विभाग के पास स्टाफ कम होने के कारण कर्मचारी व अधिकारी गांवों में कभी-कभार ही छापा मारने के लिए पहुंच पाते हैं। गांव के लोग अक्सर बिजली चोरी में पकड़े जाने पर ज्यादातर अपना नाम ही गलत लिखा देते हैं। ऐसी स्थिति में कानूनी कार्रवाई के दौरान वे बच जाते हैं।
अभी पुलिस से पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है। इस कारण अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा। जल्द ही डीएम और एसपी के साथ बैठक होगी। इसमें संवेदनशील मोहल्लों व गांवों में छापामार अभियान चलाने की रणनीति तय की जाएगी। अभियान के दौरान एक मजिस्ट्रेट के अलावा भारी पुलिस व पीएसी बल देने की मांग की जाएगी। तय तिथियों के मुताबिक लगातार बिजली चोर पकड़ो अभियान चलेगा। छोटे-बड़े सभी बिजली चोरों पर मुकदमा होगा। बकाएदारों के कनेक्शन काटे जाएंगे। दोबारा जुड़े मिले तो उन पर एफआईआर होगी।
पी. राम, अधिशासी अभियंता, विद्युत
आज पांच घंटे होगी कटौती
बिजली विभाग के एक्सईएन पी. राम ने बताया कि 7 व 8 फरवरी को 11केवीए सरायमीरा फीडर पर गार्डिंग व पेड़ों की छंटाई का काम शुरू कराया जाएगा। इस वजह से सुबह 11 से शाम 4 बजे तक सरायमीरा फीडर के उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल सकेगी।