योगी के सीएम बनते ही गोपाल व गोशाला संचालक खुश नजर आ रहे हैं। सभी को आस है कि भाजपा सरकार गोवंश की रक्षा के लिए गोशालाओं को बढ़ावा देगी। उन्हें प्रोत्साहित करेगी। श्रीकृष्ण गोशाला समिति की गायों का पेट भरने में गुलरिया के बड़े काश्तकार अमिताभ मदद कर रहे हैं। गोशाला की कोषाध्यक्ष आशा देवी कहती हैं कि अमिताभ 300 बीघा फसल का भूसा गोशाला को दान दे देते हैं। इसके बदले उन्हें गोशाला से गोबर मिल जाता है। संचालक का कहना है कि पैसा बचाने के लिए परिवार के सदस्य भी लेबरों के साथ गोसेवा में लगे रहते हैं। गायों को पालने के लिए ग्रामीण ले जाते हैं। गाय ले जाने के लिए वह 21 रुपये की रसीद काटते हैं। बाद में यह लोग गायों को वापस गोशाला में छोड़ जाते हैं।
सात साल में 28 हजार मिली सरकारी मदद
65 से अधिक गायों की इस गोशाला को सरकारी मदद की आस है। गोशाला के संचालक अमित कुमार बताते हैं कि सात साल में सरकारी मदद के नाम पर मात्र दो बार पैसा मिला है। एक बार 18 हजार 400 रुपये व दूसरी बार 10 हजार रुपये ही मदद मिली है। इतने पैसे में एक माह भी चारा नहीं खिलाया जा सकता है। अब भाजपा सरकार से उम्मीदें जगी हैं। क्षेत्र में चारागाह के लिए 450 बीघा जमीन है लेकिन स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते चारागाह सूखे पड़े हैं। पशुओं के लिए चारा का संकट है। चारागाह ही हरे-भरे हो जाएं तो पशुपालकों के चारे की समस्या हल हो जाएगी।