विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के गांव शेखपुर निवासी टीचर की
हत्या ग्राम प्रधानी का चुनाव जीतने के लिए सुपारी देकर कराई गई थी। जेल
में बंद शातिर हिस्ट्रीशीटर धर्मा ठाकुर ने मर्डर केस की साजिश रची थी।
गुरुवार को पुलिस अधीक्षक ने केस का खुलासा किया। पुलिस ने मामले में धर्मा
ठाकुर के पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
खुलासा करने वाली
पुलिस टीम को दो हजार रुपये का ईनाम दिया गया है। एसपी ने बताया कि 21
सितंबर को शेखपुर गांव निवासी टीचर राम भरोसे पुत्र बृजनाथ सिंह की गोली
मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान बदमाश लाइसेंसी रिवाल्वर भी लूट ले गए
थे। मामले का खुलासा करने के लिए उन्होंने स्वाट व सर्विलांस टीम के अलावा
विशुनगढ़ पुलिस को लगाया था।
छानबीन के बाद स्वाट टीम प्रभारी दिनेश यादव,
सर्विलांस टीम प्रभारी तारिक खां व विशुनगढ़ थानाध्यक्ष प्रेमचंद्र कुरील
ने संयुक्त रूप से छिबरामऊ से कैरदा रोड बंबा पटरी पर नादनपुर पुलिया के
पास घेराबंदी की। इस दौरान अनुज प्रताप सिंह पुत्र धर्म सिंह उर्फ धर्मा
ठाकुर निवासी उस्मानपुर थाना विशुनगढ़, अवधेश उर्फ टिंकू पुत्र मलिखान सिंह
निवासी जगतपुर थाना बेवर जनपद मैनपुरी और जगभान सिंह उर्फ गुड्डू उर्फ
मैनेजर पुत्र क्षत्रपाल सिंह निवासी शेखपुर विशुनगढ़ को गिरफ्तार किया।
इनके पास से दो तमंचे 315 बोर व लूटी गई रिवाल्वर, दो बाइकें बरामद की गईं।
एसपी
ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल किया है। अनुज
प्रताप सिंह ने बताया कि उसके पिता धर्म सिंह उर्फ धर्मा ठाकुर जेल में
बंद हैं। जगभान सिंह उर्फ गुड्डू उर्फ मैनेजर की उनसे बातचीत हुई। रामभरोसे
की हत्या करने की योजना जेल में बनी। तीन लाख रुपये की सुपारी ली गई।
एडवांस में 50 हजार रुपये मिले। योजना के तहत उसने व अवधेश ने मिलकर टीचर
की गोली मारकर हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि टीचर की गांव में हनक थी।
ज्यादातर लोग उनकी बात मानते थे। जगभान को डर था कि टीचर राम भरोसे के कारण
वह चुनाव नहीं जीत सकता, इसलिए उसने धर्मा को उनकी हत्या कराने की सुपारी
दी।