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ट्रक से कुचलकर बालिका की मौत, रास्ता जाम

Thu, 06 Apr 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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जाम लगाए लाोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थानाक्षेत्र के ग्राम परौर में सुबह मां के साथ खेत पर जा रही बालिका को सौरिख-मैनपुरी मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। वहीं, पुलिस ने हादसे के बाद भाग रहे चालक को ट्रक सहित पकड़ लिया। लगभग चार घंटे बाद ग्रामीणों ने क्षेत्रीय भाजपा विधायक के आश्वासन पर जाम खोला, तब जाकर यातायात बहाल हो सका।
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थाना क्षेत्र के ग्राम परौर निवासी नंदेराम की पत्नी सीता देवी अपनी छह साल की बेटी दिव्यांशी के साथ गुरुवार सुबह पांच बजे के करीब खेत पर शौच के लिए जा रही थी। गांव के पास ही सौरिख-मैनपुरी मार्ग पर कुसमरा की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने दिव्यांशी को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से भाग निकला। उधर, दिव्यांशी की मां सीता देवी ने जब शोर मचाया तो सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

लोगों ने सड़क पर लकड़ी के लट्ठे डालकर जाम लगा दिया। लगभग एक घंटे बाद थाने से उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार गिरि पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया, लेकिन लोग जाम खोलने को तैयार नहीं थे। थोड़ी देर बाद नायब तहसीलदार अवनीश कुमार मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी बात भी नहीं सुनी। दस बजे के करीब क्षेत्रीय भाजपा विधायक कैलाश सिंह राजपूत गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को पूरी मदद का आश्वासन दिया। तब जाकर लोगों ने जाम खोला।
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उधर, पुलिस ने जनपद मैनपुरी के ग्राम उदयपुर निवासी ट्रक चालक दिनेशचंद्र यादव को ट्रक सहित हिरासत में लिया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पकड़ा गया ट्रक मथुरा से कोल्डड्रिंक लादकर तिर्वा जा रहा था।

नींद में था ट्रक चालक
सौरिख। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह जब वह खेतों की ओर जा रहे थे, तो ट्रक चालक लहराते हुए चला रहा था। पुलिस हिरासत में चालक ने बताया कि वह मथुरा से कोल्डड्रिंक लादकर रात में चला था। रात में जागते हुए गाड़ी चलाने से वह थक गया था। इस वजह से उसे हल्की झपकी आ गई, जिसके चलते यह हादसा हो गया। दिव्यांशी परौर के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा थी। उसके पिता गांव में मजदूरी और खेती करते हैं। वह पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर पर थी। हादसे से परिवारीजनों में कोहराम मच गया।

ओडीएफ गांव होता तो नहीं होती घटना
सौरिख। केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ भारत अभियान के तहत सभी गांवों को खुले में शौच मुक्त किया जा रहा है। सभी गांवों में शौचालय बनवाए जा रहे हैं और गरीब लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि के तौर पर 12 हजार रुपये भी दिए जा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि गांव में लोग खेतों में शौच के लिए न जाएं। सुबह जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय दिव्यांशी अपनी मां के साथ शौच के लिए खेत पर जा रही थी। यदि गांव ओडीएफ होता तो यह घटना नहीं होती। प्रभारी खंड विकास अधिकारी वेदप्रकाश शुक्ला ने बताया कि सभी गांवों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। परौर गांव में भी शत-प्रतिशत शौचालय बनवाए जाने के लिए सचिव व प्रधान को निर्देश दिए गए हैं।
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