नया साल जिले के लोगों के लिए सेहत की सौगात लेकर आएगा। इसके चलते जिला अस्पताल में महिलाओं के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। कई महिला अस्पतालों का निर्माण मार्च से जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
वहीं चार कस्बों में सुरक्षित प्रसव कराने के लिए मैटरनिटी विंग की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा छिबरामऊ तहसील मुख्यालय में 100 बेड के अस्पताल का निर्माण भी अतिंम दौर में है। जिले में कई महिला अस्पतालों का निर्माण मार्च से लेकर जून तक पूरा हो जाएगा।
जिला अस्पताल के अंदर निर्माणाधीन 100 बेड के अस्पताल में महिलाओं के इलाज के अत्याधुनिक इंतजाम होंगे। यहां प्रसव से लेकर अन्य तरह के इलाज की सुविधा महिलाओं को मिलेंगी। आपरेशन के लिए विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती की जाएगी। नर्स, फार्मासिस्ट से लेकर अन्य चिकित्सीय स्टाफ भी मोर्चा संभालेगा।
यहां फिजियोथिरेपिस्ट यूनिट भी लगेगी। इसके अलावा जलालाबाद व सौरिख कसबे में 50 बेड का, गुरसहायगंज और तिर्वा में 30 बेड की मैटरनिटी विंग की इमारतें भी जल्द बनकर तैयार हो जाएंगी। यहां क्षेत्र से आने वाली प्रसव पीड़ित महिलाओं को तत्काल उपचार मिलेगा।
उधर छिबरामऊ तहसील मुख्यालय पर भी 100 बेड के अस्पताल का भवन भी जल्द तैयार हो जाएगा। इससे करीब एक सैकड़ा गांवों व आधा दर्जन कसबे के लोगों को आपात स्थिति में उपचार की सुविधा मिल सकेगी। मरीजों को रेफर करने के झंझट से छुटकारा मिल सकेगा।
कसबों में भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनवाकर त्वरित उपचार का सपना साकार किया जाएगा। नगर पंचायत समधन, उमर्दा, विशुनगढ़ में सीएचसी भवन निर्माण भी पूर्ण होगा। इसके लिए राजकीय निर्माण निगम यूनिट चार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक सीएचसी की लागत 4 करोड़ 66 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
इसी तरह छोटे कसबों में शामिल धूरपुर, पट्टी, सढ़ियापुर, निजामपुर, मित्रसेनपुर में न्यू पीएचसी भवन में प्राथमिक उपचार के बंदोबस्त होंगे। इसके लिए 64 लाख रुपये प्रति न्यू पीएचसी के हिसाब से राजकीय निर्माण निगम को भुगतान भी कर दिया गया है।
साफ-सुथरी मिलेगी बेड की चादरें
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को अस्पताल प्रशासन की तरफ से साथ-सुथरे बेड, कंबल व चादरें मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए अस्पताल में धोबी घाट भवन तैयार हो गया है। इसे फिनिशिंग टच दिया जा रहा है। जनवरी से यहां कपड़े धुलने लगेंगे।
आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक इलाज बढ़ेगा
जिला अस्पताल में आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक उपचार कराने के लिए पहुंचने वालों को मायूस नहीं होना पड़ेगा। नए साल से यहां आयुष विंग संचालित हो जाएंगे। इनमें तैनात स्टाफ जड़ी बूटियों व होम्योपैथिक पद्धति की दवाइयां देकर उपचार कर सकेंगे। अभी तक मात्र विनोद दीक्षित सीएचसी के पीछे कामचलाऊ अस्पताल था, जहां व्यवस्थाएं पंगु हैं।
मीटिंग हाल भी मिलेगा
जिला अस्पताल परिसर में दो मंजिला मीटिंग हाल भी बनकर तैयार हो गया है। बैठक या गोष्ठी करने के लिए अब इधर-उधर नहीं भागना पड़ेगा। मीटिंग हाल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसके अंदर प्रशिक्षण देने व प्रशिक्षणार्थियों के बैठने के इंतजाम होंगे।
रोगी आश्रय स्थल में ठहर सकेंगे तीमारदार
गुरसहायगंज, जलालाबाद, सौरिख, जनखत, तिर्वा व तालग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रोगी आश्रय स्थलों का निर्माण कार्य भी पूर्ण होने वाला है। अब तीमारदारों को ठहरने के लिए जगह मिल सकेगी। यहां किचेन, शौचालय की सुविधा होगी। इसके चलते तीमारदारों को इधर-उधर भटकने से छुटकारा मिल जाएगा।
एनएम सेंटर भी स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करेंगे
ग्रामीण क्षेत्रों में सरायमीरा, हसेरन, पट्टी, हरेईपुर, तिर्वा, गुरसहायगंज, सौरिख, जलालाबाद, छिबरामऊ के असालताबाद में एएनएम सेंटर बनेंगे। इनकी प्रति एएनएम सेंटर लागत 9 लाख 29 हजार रुपये होगी। यहां पर एनएनएम व आशा ग्रामीण महिलाओं को टीके लगाएंगी। साथ ही प्रसव कराने की भी सुविधा होगी।
वर्ष 2015 स्वास्थ्य विभाग के लिए शुभ संकेत दे रहा है। जब स्वास्थ्य महकमा भवनों, उपकरणों व मैनपावर से लैस होगा तो इसका लाभ सीधे जनपदवासियों को मिलेगा। मरीजों को त्वरित उपचार मिल सकेगा। रेफर करने का झंझट कम होगा। लोगों की सेहत ठीक रहेगी तो उनका तन और मन दोनों अच्छा काम करेंगे।
-पीएन वाजपेयी, सीएमओ कन्नौज।
यह सुविधाएं भी देंगी राहत
-आशा बहू को जनवरी महीने से टीकाकरण के लिए बच्चों को लाने पर 100 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे।
-राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम जनवरी महीने से शुरू होगा। इसके तहत मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल, सभी सीएचसी व पीएचसी पर कार्यक्रम होंगे। 6 से 12 वर्ष के बच्चों तथा स्कूल न जाने वाली किशोरियों को सप्ताह में एक बार आयरन की गोली व वर्ष में दो बार कीड़े मारने वाली दवा खिलाई जाएगी।
-कैंसर, डायबिटीज, हृदयरोग, फायलेरिया से संबंधित जांच व फ्री उपचार के लिए एनसीडी क्लीनिक खोली जाएगी। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी।