कन्नौज। चोक सीवर लाइन के चेंबर को साफ करने के लिए गाजियाबाद की टीम दूसरे दिन मंगलवार को भी जूझती रही। छह वर्ष से रखरखाव न होने के कारण चेंबर में भारी मात्रा में मिट्टी व पट्टियां के टुकड़े है।
जलनिगम ने 6.40 करोड़ की लागत से शहर के 25 वार्डों में सीवर लाइन डलवाई थी। कार्यदायी संस्था के सही से काम नहीं पूरा करने पर उसको निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद स्थानीय ठेकेदारों ने काम किया था। नगर पालिका ने काम गुणवत्तापूर्ण नहीं होने पर सीवर लाइन को हैंडओवर नहीं लिया। इसके चलते सीवर लाइन रखरखाव नहीं होने के कारण चोक हो गई। सदिकापुर में जलभराव की समस्या को लेकर 500 मीटर चोक लाइन की सफाई करवाई गई थी। शेष 60 किलोमीटर चोक सीवर लाइन की सफाई को लेकर शासन ने बजट देने से इन्कार कर दिया था।
समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने इस मामले शासन में शिकायत की थी। तब जलनिगम के एमडी डॉ राजशेखर ने कार्यदायी संस्था व तत्कालीन जलनिगम के अधिकारियों से वसूली करके सफाई कराने के आदेश दिए थे। सोमवार से गाजियाबाद की टीम चोक सीवर लाइन की सफाई में जुटी है। चेंबर में मिट्टी व सीमेंंट की पट्टियां भरी होने के कारण मजदूरों को मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अधिशासी अभियंता मोहित चक ने बताया कि शासन से चोक सीवर लाइन की सफाई करने के लिए कोई बजट नहीं मिला है। कार्यदायी संस्था की ओर से ही चोक सीवर लाइन की सफाई करवाई जा रही है।