संशोधित कन्या विद्या धन योजना के तहत जिले के 848
लाभार्थियों को इस बार कन्या विद्या धन योजना का लाभ मिलेगा। शासन से बजट
की प्राप्ति हो गई है। कालेजों से सत्यापन रिपोर्ट भी आ गई है। अब सिर्फ
शासन से आदेश मिलने का इंतजार हो रहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक
कार्यालय के अनुसार आधा सैकड़ा स्कूलों की करीब 848 मेधावी छात्राओं का चयन
किया गया है। बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर इनका चयन किया गया
है। सूची तैयार कर फीडिंग कर ली गई है। संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्यों की
तरफ से सत्यापन रिपोर्ट भी उपलब्ध हो गई है।
शासन से प्रति छात्रा 30 हजार
रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। ताकि इस धनराशि का उपयोग कर छात्राएं आगे
की बढ़ाई बेहतर ढंग से कर सकें। डीआईओएस केपी सिंह यादव का कहना है कि
अवरोही क्रम में सूची तैयार की गई है। जैसे ही शासन से कन्या विद्या धन का
वितरण करने के निर्देश मिलेंगे वैसे ही लाभार्थियों के बैंक खाते में योजना
का लाभ भेज दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई
हैं।
ज्ञात हो कि पहले कन्या विद्या धन छात्रा के अभिभावक की आय के आधार
पर दिया जाता था। अधिकतम 35 हजार रुपये वार्षिक आय वाले तक आवेदन कर सकते
थे। इनमें से बीपीएल परिवार के छात्र-छात्राओं को वरीयता दी जाती थी। आवेदन
पत्र के साथ में आय प्रमाणपत्र व राशन कार्ड समेत अन्य अभिलेख लगाने पड़ते
थे।
सपा सरकार बनने के बाद पहली बार आयोजित कार्यक्रम में चार हजार से
अधिक छात्राओं को इस योजना का लाभ मिला था। तब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने
खुद एसएन कालेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को चेकें
प्रदान की थीं। बीते वर्ष भी छह हजार से ज्यादा छात्राओं को इस योजना के
तहत लाभान्वित किया गया था।
तब रुपये सीधे बैंक खाते में पहुंचा था। मेरिट
के आधार पर कन्या विद्या धन के लाभार्थियों का चयन पहली बार किया जा रहा
है। उधर, बोर्ड परीक्षाएं संपन्न कराने को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने
तैयारियां शुरू कर दी हैं। उत्तर पुस्तिकाओं की खेप भी आने लगी है। कक्षा
12 की 1.44 लाख अ और 56 हजार ब उत्तर पुस्तिकाएं डीआईओएस कार्यालय को
प्राप्त हो गई हैं। इन उत्तर पुस्तिकाओं को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच
बोरों में भरकर रखवाया गया है।