कन्नौज। सड़कों पर लूटपाट, छिनैती करने वालों की अब खैर नहीं होगी। लुटेराें को दबोचने के लिए पुलिस विभाग ने गरुड़ वाहिनी दस्ते का गठन किया है। वारदात को अंजाम देने वालों का गरुड़ वाहिनी के चंगुल से बचना मुश्किल होगा। पुलिस लाइन में वाहिनी के सिपाहियों को जल्द प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डीजीपी के निर्देश पर पुलिस कप्तान अमरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में गरुड़ वाहिनी दस्ते की पांच टीमों का गठन किया गया है। इसमें 20 सिपाहियों और एक उपनिरीक्षक को शामिल किया गया है। यह दस्ता हेलमेट, बाडी प्रोटेक्टर के अलावा आधुनिक शस्त्रों से लैस होगा। यूपी 100 टीम की तरह लूटपाट बहुल स्थानों पर यह बाइकों पर मुस्तैद रहेंगे। यह टीम लूटपाट की सूचना मिलने पर पुलिस की अन्य टीमों से संपर्क कर लुटेरों का पीछा करने के साथ ही उन्हें तलाशने का काम करेगी। टीम के सदस्य तेज व सुरक्षित बाइक चलाने में माहिर होंगे। इस टीम के बेहतर परिणाम आने के बाद सभी थानों में गरुड़ वाहिनी का गठन किया जाएगा।
ब्लूटूथ से कनेक्ट होगा वायरलेस
गरुड़ वाहिनी दस्ते के सिपाहियों को ब्लूटूथ वायरलेस दिया जाएगा। इससे यह अपराधियों का पीछा करते समय आसानी से कंट्रोल रूम और संबंधित थाना प्रभारी को नाकेबंदी के साथ लुटेरों की लोकेशन बता सकेंगे।