कन्नौज। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत बुधवार को जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पताल में आयोजन हुए। चिकित्सकों ने दूसरे व तीसरे माह की गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डायबिटीज, हीमोग्लोबिन, एचआईवी की जांच की। कमजोर सेहत पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टर निधि गोयल ने गर्भवती महिलाओं को चना-गुड़ व फल बांटे।
अभियान के तहत हर महीने की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। जोखिम का पता लगाया जाता है। इसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसेरन में लाभार्थियों की ग्रुप काउंसलिंग की गई। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जगदीश निर्मल ने बताया कि 45 गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया गया। इनमें चार महिलाओं को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में रखा गया। इनका खून सात मिलीग्राम से कम था। इन्हें इंजेक्शन दिए गए। आयरन, कैल्शियम की गोलियों सहित आवश्यक दवाएं भी दी गईं। कोविड-19 से बचाव के बारे में बताया गया। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को प्रसव तक विशेष निरीक्षण में रखा जाएगा।
डॉ.निर्मल ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। इससे भीड़ वाली जगहों पर न जाएं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसेरन की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.आरती सिंह ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत होने पर गर्भावस्था के दौरान सचेत रहने की जरूरत है। इस दौरान डॉ. विकास वर्मा, वीरपाल सिंह ,सोनम मिश्रा, वीसीपीएम विवेक कुमार ,सत्य प्रकाश तथा गर्भवती महिलाएं मौजूद रहीं।