कन्नौज। तीन दिन से घट रहे गंगा के जलस्तर में बढ़त दर्ज की गई। गंगा का जलस्तर शुक्रवार को 125.058 मीटर था पर चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज से छोड़े गए 71, 077 क्यूसेक पानी के कारण शनिवार को 125.240 मीटर हो गया। गंगा अब खतरे के निशान से 730 सेमी नीचे बह रही हैं। बाढ़ के प्रकोप से कटरी क्षेत्र के 70 गांव प्रभावित हुए हैं। जलभराव व कीचड़ से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। उधर, गंगा के साथ काली नदी, अरिंद, ईशन, पांडु नदी भी उफना रही हैं।
बाढ़ के पानी से कटरी के बाशिंदों की मुसीबतें बढ़ती जा रहीं है। ग्रामीण सड़कों के किनारे डेरा जमाए हैं। राहत शिविर में भी कुछ ग्रामीणों ने शरण ले रखी है। चारे की कमी व जगह के अभाव में ग्रामीणों ने पालतू मवेशी छोड़ दिए हैं। बाढ़ से काली नदी क्षेत्र के कटरी अमीनाबाद, गढि़या बलीदादपुर, सढि़यापुर बांगर, मिश्रीपुर, फिरोजपुर समेत 40 गांव में फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। वहीं गंगा किनारे बसे गांव कासिमपुर, बक्सीपुर्वा, कटरी गंगपुर, गंगूपुर्वा, दाईपुर, चौराचांदपुर, मेहंदीपुर, महमूदपुर बीजा, गुमटिया, सलेमपुर ताराबांगर समेत 22 गांवाें में जलभराव है।
अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह का कहना है कि बचाव एवं राहत कार्य में लगी टीमें लगातार जलस्तर पर निगरानी रखे हुए हैं। नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ने लगा है। बाढ़ प्रभावितों काे खाद्य सामग्री व इलाज की व्यवस्था कर हर संभव मदद दी जा रही है।