फोटो:27: महादेवी घाट पर एक जलधारा में बहती गंगा व काली नदी। संवाद
फोटो:28: नाव से उतरकर गांव की ओर जाते ग्रामीण। संवाद
-नदी के किनारे पानी कम होने से गांवों में बीमारी फैलने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। गंगा नदी का जलस्तर शनिवार काे खतरे के निशान पर पहुंच गया था, जो रविवार को तीन सेंटीमीटर कम हो गया। हालांकि तटवर्ती गांव कासिमपुर, बक्सीपुर्वा सहित कई गांवाें का हाल बेहाल है। ग्रामीण नावों के सहारे आवागमन कर रहे हैं। प्रशासन बचाव व राहत कार्य में जुटा है।
गंगा का जलस्तर शुक्रवार को घटकर 125.420 मीटर हो गया, जो खतरे के निशान से करीब 55 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्राें के हालात नहीं बदले। कटरी क्षेत्र के गांव कासिमपुर, बक्सीपुर्वा, कटरी गंगपुर, गंगूपुर्वा, दाईपुर, चौराचांदपुर, मेहंदीपुर, महमूदपुर बीजा, गुमटिया, सलेमपुर तारा बांगर, चौधरियापुर बांगर, जुकइया, चांदापुर बांगर, डहलेपुर, नाहरघाटी सहित अन्य गांवाें में जलभराव है। गलियां सड़कें जलमग्न हैं। खेतों व घरों में पानी घुस रहा है। काली नदी भी उफना रही है। ग्रामीण नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा राहत व बचाव कार्य के साथ जरूरी दवाइयां व खाद्य सामग्री वितरित कर सहायता पहुंचाई जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। कई ग्रामीणों ने सड़क पर डेरा जमा रखा है।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें तैनात
गंगा और काली नदी का जलस्तर कम होने से गांवों में बीमारियां फैलने की संभावना बढ़ गई है। कई गांवों में कीचड़ व दलदल अधिक हो गया है तो मच्छरों का भी प्रकोप है। सीएमओ डॉ. स्वदेश गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को तैनात किया गया है। बीमार लोगों के लिए पीएचसी व सीएचसी समेत जिला अस्पताल में बेड की व्यवस्था की गई है। जिले में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां व इंजेक्शन उपलब्ध हैं।
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वर्जन
जल स्तर कम हो रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की हर पल निरंतर निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को जरूरी खाद्य सामग्री व दवाइयां बांटी जा रही हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ऊंचाई पर पहुंचाया गया है।
-आशीष कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी