मानीमऊ। गंगा के जलस्तर में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। महादेवी घाट पर सुबह आठ बजे जलस्तर 125.250 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 125.970 मीटर से 72 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर फिलहाल घटने की स्थिति में है, लेकिन तटवर्ती गांवों में बाढ़ की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार चार अक्तूबर को नरौरा बैराज से 54,876 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जबकि पांच अक्तूबर को पानी की मात्रा घटकर 46,443 क्यूसेक रह गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि नरौरा से छोड़ा गया पानी 48 घंटे में महादेवी घाट तक पहुंचता है। ऐसे में आने वाले दिनों में जलस्तर में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।
हाल ही में गंगा का पानी कासिमपुर समेत तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंच चुका है। जलस्तर घटने के बावजूद ग्रामीणों को राहत नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी उतरने के बाद भी रास्ते, खेत और निचले इलाके प्रभावित हैं। प्रशासन को जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के साथ तटवर्ती गांवों में आवागमन और राहत व्यवस्था दुरुस्त रखने की जरूरत है।