कन्नौज। प्रयागराज महाकुंभ के लिए नरौरा बांध से गंगा में पानी छोड़ा गया। यह पानी कासिमपुर गांव में घुसने लगा है। पिछले दो दिन में गंगा ने 20 मीटर कटान कर दिया है, जिससे ग्रामीण सहमे हैं। साथ ही गृहस्थी समेट कर सुरक्षित स्थानों की तरफ भाग रहे हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि गंगा में कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग व लोक निर्माण विभाग तटबंध बनाएंगे, जिसके लिए ड्रोन से सर्वेक्षण कर लिया गया है। तब तक ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा।
गंगा के किनारे बसे कासिमपुर गांव के लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। प्रयागराज में महाकुंभ को लेकर पहला अमृत स्नान 14 जनवरी को होगा, जिसके लिए नरौरा बांध से पांच हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ दिया गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ते ही महादेवी घाट पर गंगा के किनारे बसे गांव कासिमपुर गांव में फिर से कटान शुरू हो गया है। पिछले दो दिन में गांव में 20 मीटर कटान हुआ है, जिससे ग्रामीणों के मकान भी जद में आ गए हैं। इससे पहले नवंबर माह में कटान हुआ था। तब इस गांव के पांच घर गंगा में समा गए थे।
अब दोबारा कटान होने से लोग सुरक्षित स्थान की ओर पलायन करने लगे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा में लगातार कटान हो रहा है, जिससे उनके घर भी जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में वह हरदोई रोड के किनारे सुरक्षित स्थान पर डेरा जमाएंगे। सदर एसडीएम रामकेश सिंह ने बताया कि गंगा में कटान की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को गांव खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। उनके पुनर्वास के लिए व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए ग्राम प्रधान से सूची ली गई है। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है।
कटान होते ही बल्लियां लूट ले गए ग्रामीण
मानीमऊ। कासिमपुर गांव में गंगा में कटान होते ही ग्रामीण बल्लियां उखाड़ कर ले गए। सिंचाई विभाग ने नवंबर माह में कटान रोकने को बल्लियां और सीमेंट की बोरियाें में मिट्टी भरकर अस्थाई तटबंध बनाया था। पानी का वेग अधिक होने तथा नीचे से कटान करने के कारण बल्लियां उखड़ गईं, जिन्हें ग्रामीण लूट ले गए। गांव में कटान से 150 मीटर सीसी रोड भी बह गया है। सदर एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों से बल्लियां लेकर उन्हें दोबारा लगवाया जाएगा, जिससे कि कटान पुल की तरफ न बढ़े।
-
शासन को भेजी गई परियोजना
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सूर्यमणि सिंह ने बताया कि कासिमपुर गांव के पास गंगा ने जलधारा बदल ली है। इससे वहां लगातार कटान हो रहा है। नरौरा बांध से पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। भविष्य में हरदोई-कन्नौज मार्ग बने महादेवी पुल को भी खतरा है। ऐसी स्थिति में तटबंध बनाने के लिए सर्वे किया गया था और परियोजना बनाकर शासन को भेज दी गई है। स्वीकृति और बजट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा, तब तक के लिए अस्थाई तटबंध बनाया जाएगा।