तिर्वा(कन्नौज)। तहील समाधान दिवस में गैरहाजिर रहने पर जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने तीन अफसरों का वेतन रोक कर स्पष्टीकरण मांगा है। शिकायत के फर्जी निस्तारण पर ईओ तिर्वा को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। डीएम ने चेतावनी दी है कि शिकायत के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को तिर्वा तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस में डीएम रवींद्र कुमार और एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने शिकायतें सुनीं। 94 शिकायतकर्ताओं ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें तीन का मौके पर निस्तारण हुआ। तहसील दिवस में आई शिकायत का फर्जी निस्तारण देखकर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने शिकायत का निस्तारण करने वाले तिर्वा ईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। इसके साथ ही तहसील दिवस में सहायक अभियंता लघु सिंचाई, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, पीओ नेडा व तिर्वा ईओ को गैरहाजिर देखकर एक दिन का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा है।
समाधान दिवस में कस्बे के शिवओम पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य ने शिकायत की है कि मंडी बाजार में गंदगी का अंबार है। यहां साफ-सफाई नहीं होती है। इससे बीमारियां फैलने की आशंका है। जटियापुर गांव निवासी रामसेवक ने खाद के गड्ढों पर कब्जे की शिकायत की। कन्हईपुर्वा गांव निवासी शेर सिंह ने सड़क निर्माण का अधूरा काम पूरा कराने की मांग की। तिलसरा गांव निवासी सरोजनी ने पट्टे की भूमि पर की गई फसल को जबरन जोतने की शिकायत की। दुर्गानगर निवासी हंसादेवी ने कालोनी की मांग की। तहसील समाधान दिवस में तहसीलदार विशेश्वर सिंह, नायब तहसीलदार मोहितलाल वर्मा, सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप, एसडीएम जयकरन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उदयपुर में चकबंदी प्रक्रिया का हो रहा दुरुपयोग
छिबरामऊ। तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उदयपुर गांव के लोगों ने सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। इन्होंने चकबंदी प्रक्रिया के दुरुपयोग की शिकायत की। ज्ञापन में कहा गया है कि उदयपुर गांव चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत है। काश्तकारों को चकरोड व नाली की सुविधा नहीं दी गई है। चक कम नापे गए हैं। कई शिकायतों के बावजूद चकबंदी विभाग ने उनके मूल चक बगैर सहूलियत से परिवर्तित कर दिए हैं। गांव के व्यक्ति चकबंदी लेखपाल व चकबंदीकर्ता से संतुष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने टीम का गठन कर काश्तकारों की जमीन का सीमांकन दोबारा कराकर कब्जा दिलाने की मांग की। वहीं नगर के मोहल्ला गंज निवासी आलोक गुप्ता ने बताया कि उनके मोबाइल पर व्हाट्स एप कॉल आई। इसमें उसे 25 लाख रुपये देने की बात कही गई। फार्म भरने को कहा गया। संदेह है कि यह कॉल भारत से बाहर से आई थी। नगर के मोहल्ला सराफान निवासी प्रभाकर पांडेय पुत्र शत्रुघ्न पांडेय ने मां के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने के लिए कहा। सभासद रानू कुरैशी ने बताया कि नगर पालिका में भ्रष्टाचार व्याप्त है। जनता के पैसे लूटे जा रहे हैं। पालिका के एक जनवरी 2017 से नवंबर 2019 तक कराए गए सभी कार्यों की जांच कराई जाए। उमरपुर सकरावा निवासी आशा देवी ने बताया कि दो सितंबर की रात बारिश से उसका कच्चा मकान गिर गया। अब वह खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। सीडीओ प्रेमप्रकाश त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान एसडीएम गौरव शुक्ला, सीओ शिव कुमार थापा, तहसीलदार अभिमन्यु कुमार, नायब तहसीलदार सौरभ यादव, खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार दुबे, बीडीओ सतानंद दीक्षित सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। तहसीलदार अभिमन्यु कुमार ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस में राजस्व की 82, पुलिस की 16, विकास की 21, विद्युत की 12, चकबंदी की छह, नगर पालिका की तीन, पूर्ति, कृषि अधिकारी, जल निगम की दो-दो, भूमि विकास बैंक, शिक्षा व डीएफओ की एक-एक शिकायत सहित 147 शिकायतें आईं। राजस्व की नौ शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।
साहब! सरकारी नाली तोड़ने से सूख रही आलू की फसल
कन्नौज। सदर तहसील के समाधान दिवस में किसान ने अफसरों से फरियाद कि है कि सरकारी नाली को तोड़ दिया गया है। इससे आलू की फसल सिंचाई के अभाव में सूखने लगी है। एसडीएम ने लेखपाल व पुलिस को मौके पर जाकर समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए। बुलाकीपुर्वा गांव के नन्हेंलाल पुत्र जागेश्वर प्रसाद ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि उसके खेतों पर नलकूप संख्या आठ से पानी पहुंचता है। इससे खेतों की सिंचाई होती है। सरकारी नाली को कुछ लोगों ने तोड़ दिया है। इस कारण पानी नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीण ने नाली को दुरुस्त कराए जाने की मांग की। तहसील समाधान दिवस में विकास विभाग की नौ, पुलिस विभाग की 11, राजस्व विभाग की 21, चकबंदी की पांच, सर्वे विभाग की तीन, समाज कल्याण विभाग की एक शिकायत आई। इस मौके पर एसडीएम सदर शैलेष कुमार, तहसीलदार अरविंद कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।