फोटो 26सीएचबीपी61: कथा का रसपान कराते आचार्य डा. कमलदास जी महाराज। संवाद
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कन्नौज। पाषाण से परमात्मा बनने की यात्रा में तीसरे दिन भगवान का जन्म कल्याणक माना गया है। जन्म होते ही स्वर्ग में स्वमेव ही घंटा, शंख भेरी और सिंहनाद होने लगता है। यह प्रवचन आचार्य श्री 108 विमर्श सागर महाराज ने कहे।
शहर के मोहल्ला छिपट्टी स्थित ऋषभ शिक्षा निकेतन में जैन समाज की ओर से भव्य धार्मिक आयोजन चल रहा है। जिसको लेकर मोहल्ले में रौनक देखते बन रही है। यहां आचार्य विमर्श सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रवचन का रसपान करा रहे हैं। शनिवार को महाराज ने भगवान आदिनाथ के जन्मोत्सव के बारे में विस्तार से प्रवचन सुनाया।
इससे पहले मोहल्ले में रथयात्रा भी निकाली गई। जिसमें जैन समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस मौके पर मनोज जैन, प्रकाश चंद्र जैन, दीपक जैन, सुशील जैन, पुष्पराज जैन, संदीप जैन, पारस जैन, प्रथम जैन, मंगल जैन आदि लोग रहे। उधर, सचिन जैन का कहना है कि 27 मार्च को कार्यक्रम का समापन है।