लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर अंडर पास की मांग काफी पुरानी है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले प्राण नगला गांव के सामने अंडरपास बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब कार्यदारी कंपनी के लोग इनकार कर रहे हैँ।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे प्राणनगला गांव सहित आसपास के गांव के लोग एक्सप्रेस वे पास जुट गए। पुरुषों के साथ ही भारी संख्या में मौजूद महिलाएँ हाथ में लाठी-डंडे लिए हुए प्रदर्शन कर रही थीं। इन लोगों ने काम बंद करा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हाइवे पर अंडर पास बनाने की मांग कई महीने से एसडीएम, डीएम तक से कर रहे हैं।
तहसील व जिला मुख्यालय जाकर प्रार्थनापत्र दिए। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई पर कोई सुनवाई नहीं हुई। अफसरों की तानाशाही से उन्हें करीब चार किमी का चक्कर लगाकर खेतों पर व बच्चों को स्कूल तक पहुंचना पड़ेगा। गांव के एक तरफ हाइवे व दूसरी तरफ ईसन नदी होने के कारण उनका गांव बीच में घिर गया है।
इस दौरान ग्रामीणोें ने काम करा रहे कंपनी के कर्मचारी राहुल पाटिल, ठेकेदार सुरेश ठाकुर समेत कई मजदूरों, टैंकर, डंफरों के चालक व परिचालकों को मारपीट करते हुए बंधक बना लिया। सूचना पर कंपनी के सीनियर मैनेजर मौके पर पहुंचे तो उन्हें भी बंधक बना लिया। इस पर तालग्राम थानाध्यक्ष इमरान खान मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की, लेकिन वे अंडरपास बनाने की मांग पर अड़े रहे। मामला उग्र होने की सूचना देने पर सीओ वीपी सोलंकी, एसडीएम संदीप कुमार एक प्लाटून पीएसी व महिला पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।
अफसरों व ग्रामीणों के बीच बात नहीं बनी। ग्रामीमोें ने पीएसी बुलाने का विरोध किया और पथराव शुरू कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। पहले तो पुलिस कर्मी पीछे हटे, लेकिन फिर अफसरों के आदेश पर पुलिस व पीएसी ने लाठियां फटकारनी शुरू की। इसके बाद ग्रामीण भाग निकले।
इन्हें किया गया है नामजद
कंपनी की ओर से प्राणनगला के ग्रामीण अशोक, सतीश, नरेंद्र, जय सिंह, दुर्विजय, राजेश, महेशचंद्र, सुरेश चंद्र, दिनेश चंद्र, बरजोर सिंह, शैलेंद्र सिंह, संतोष, सर्वेश सिंह, सियाराम, वीर सिंह, जगरूप, साक्षी नंदन उर्फ विवेक, भइयालाल, अशोक, महेंद्र सिंह, भीम, जयवीर, रवी, घनश्याम, राम सिंह को नामजद किया गया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
गांव से तीन किमी की दूरी पर भीकमपुर साहनी के पास अंडरपास दिया जा चुका है। इतने नजदीक दूसरा अंडर पास दिया जाना मुमकिन नहीं है। विधायक व प्रशासन के प्रयास से गांव वालों के लिए गांव से लेकर अंडरपास तक सर्विस रोड बनाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सर्विस रोड जल्द बन जाएगा, लेकिन ग्रामीण इस बात पर तैयार नहीं है।
संदीप कुमार, एसडीएम
फोर्स के साए में शुरू हुआ निर्माण
अमोलर। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के बाद सीओ व एसडीएम ने अपनी मौजूदगी में हाइवे निर्माण को काम शुरू कराया। हालांकि मजदूर व कर्मचारी भयभीत हैं और लगातार पुलिस तैनात रखने की मांग कर रहे हैं। उन्हें डर है कि ग्रामीण किसी भी वक्त दोबारा धावा बोल सकते हैं। तब उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ेगा।
नामजदों की जल्द गिरफ्तारी होगी
अमोलर। तालग्राम थानाध्यक्ष मो. इमरान खां का कहना है कि ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर के आधार पर एफआईआर लिखी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जल्द ही दोषी ग्रामीणों पर कानूनी कार्रवाई होगी। आरोपी ग्रामीणों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजेंगे। हंगामे के दौरान वीडियो रिकार्डिंग कराई गई है। इसकी मदद से बवाल करने वाले ग्रामीणों को चिह्नित कर गिरफ्तारी की जाएगी।