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Kannauj News: दोस्त ही निकला मास्टरमाइंड, अपहरण के तीन आरोपी गिरफ्तार

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कन्नौज। शिक्षक राहुल राजपूत के अपहरण और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने छह दिन के भीतर खुलासा कर दिया। थाना तालग्राम, कोतवाली कन्नौज, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने सोमवार को गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, चार कारतूस, एक मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है।
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पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि 14 जुलाई को तिर्वा क्षेत्र के कटरा बहसार निवासी सरकारी शिक्षक राहुल कुमार राजपूत स्कूल से घर नहीं लौटे थे। पिता देशराज सिंह की तहरीर पर पहले गुमशुदगी दर्ज की गई थी। सोमवार को अपहरण और फिरौती मांगने की पुष्टि होने पर मुकदमे में अपहरण समेत संबंधित धाराएं बढ़ाई गईं और पुलिस टीमों ने कार्रवाई तेज कर दी।

जांच में सामने आया कि शिक्षक का मित्र अविनाश राजपूत ही पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड था। पुलिस के अनुसार नोएडा में फाइनेंस का कारोबार करने वाले अविनाश को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था और उस पर करीब दो करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज से उबरने के लिए उसने अपने साथियों सर्वेंद्र कुमार कुशवाहा, केशव अवस्थी और सागर के साथ मिलकर राहुल के अपहरण की योजना बनाई। आरोपियों को पता था कि राहुल के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी है और वह मानसिक रूप से भी कमजोर हैं, इसलिए उन्हें आसान निशाना समझा गया।
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योजना के तहत सेकेंड हैंड कार खरीदी गई और कई दिन तक शिक्षक की गतिविधियों की रेकी की गई। स्कूल से लौटते समय राहुल का अपहरण कर उसे नोएडा ले जाया गया, जहां मारपीट कर परिवार से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। फिरौती के लिए अलग-अलग स्थानों से फोन किए गए ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की। पुलिस का दबाव बढ़ने पर आरोपी शिक्षक को दिल्ली के लालकुआं क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस ने शिक्षक को सुरक्षित बरामद कर लिया और सोमवार को मायापुर्वा मोड़ के पास घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी सागर की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
इनसेट
जनसेवा केंद्र का निकला खाता नंबर
पुलिस की जांच में पता चला कि अपहरण के आरोपियों ने फिरौती की रकम डालने के लिए जो खाता नंबर दिया था वह सिद्धार्थनगर जनपद का था पुलिस ने जब वहां जाकर जांच की तो पता चला कि वह एक जन सेवा केंद्र का नंबर है यह खाता नंबर आरोपी सर्वेंद्र के चाचा ने उपलब्ध कराया था, पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है।
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