फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हौसले से हासिल किया मुकाम

Fri, 04 Dec 2015 12:11 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
विज्ञापन
विज्ञापन
मंजिलें उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंख से कुछ नहीं हौसलों से उड़ान होती है। इन लाइनों को चरितार्थ किया है डाक्टर दिवाकर श्रीवास्तव ने। दोनों पैर से विकलांग दिवाकर श्रीवास्तव ने कड़ी मेहनत से एमबीबीएस किया और अब छिबरामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों का इलाज कर रहे हैं।
विज्ञापन


वह अपनी विकलांगता को भुलाकर पूरी तन्मयता और लगन से छिबरामऊ सीएचसी में मरीजों की सेवा कर रहे हैं। मूल रूप से फर्रुखाबाद के रहनेव़ाले दिवाकर श्रीवास्तव ने इंटर तक की पढ़ाई फर्रुखाबाद में की। इसके बाद महज 6 माह की कोचिंग करने के बाद सीपीएमटी में उन्हें सफलता मिल गई और मेरठ मेडिकल कालेज से उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री हासिल की।

इसके बाद उन्होंने यूपी में चिकित्सक के पद पर सरकारी तैनाती पाई। विकलांग होने के बावजूद कई जिलों में रहकर उन्होंने चिकित्सा सेवा के माध्यम से लोगों की सहायता की। इस समय वह छिबरामऊ की सीएचसी में रहकर क्षेत्रीय जनता की सेवा कर रहे हैं। डॉ. दिवाकर श्रीवास्तव ने कहा कि कोई भी व्यक्ति शरीर से नहीं मन से विकलांग होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें