गांव के लोगों के लिए खुशखबरी है। प्रदेश सरकार अब टंकी बनवाने के साथ गांव के हर परिवार को मुफ्त में पानी का कनेक्शन भी देगी। इसके लिए जल निगम को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पानी के लिए लोगों को हर महीने 50 रुपये शुल्क देना होगा। बीते दो-तीन सालों के दौरान बनी 32 पानी की टंकियों से जुड़े 26 हजार से ज्यादा परिवारों का वाटर कनेक्शन करने के लिए कागजी कवायद शुरू कर दी गई है। स्टीमेट शासन ने भेजकर बजट मांगा गया है।
अभी तक सिर्फ पानी की टंकी, नलकूप व गलियों में पाइप लाइनें बिछाने का ही स्टीमेट बनाया जाता था। इसके बाद जल निगम यह काम पूरा कराता था। अक्सर गरीब तबके के ग्रामीण वाटर कनेक्शन नहीं करा पाते थे। क्योंकि एक कनेक्शन कराने पर करीब 8 हजार रुपये तक का खर्च आता है। इसमें 800 से अधिक रुपये तो विभाग शुल्क के तौर पर जमा करता था।
जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस समस्या का समाधान करने के लिए अब गलियों में पाइन पाइन बिछाने के साथ ही ग्रामीण परिवार के घर तक पाइप लाइन डालकर कनेक्शन करने का काम भी जल निगम कराएगा। भविष्य में टंकी निर्माण प्रोजेक्ट के साथ ही स्टीमेट में शामिल किया जाएगा।
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार से इस बदलाव का पत्र मिल गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2013-14, 2014-15 में जो पानी की टंकी बन चुकी हैं और 2015-16 में जो टंकियां बननी हैं उनमें लाभांवित होने वाले शत-प्रतिशत परिवारों को घरेलू कनेक्शन दिलाया जाएगा।
जनपद में 32 पानी की टंकियां बीते साल त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत बनी हैं। इनसे लाभांवित होने वाले हर परिवार को पेयजल कनेक्शन देने के लिए स्टीमेट तैयार कराए गए हैं। प्रमुख सचिव नियोजन उप्र शासन को पत्र भेजकर धनराशि मांगी गई है। बजट आते ही ग्रामीणों के घर वाटर कनेक्शन कराने का काम युद्धस्तर से शुरू कराया जाएगा।
- अनुज कुमार झा, डीएम कन्नौज।