सौ शैय्या अस्पताल में कमियां छिपाने के लिए नि:शुल्क सेवाओं की सूचना चस्पा कर दी गई। इस सूचना की आड़ में भी अवैध वसूली के खेल किए जा रहे हैं। सौ शैय्या अस्पताल में अवैध वसूली को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसी का असर दिखा कि एंटी रैबीज इंजेक्शन (एआरवी) में तैनात दंत सहायक राहुल यादव को डेंटल विभाग में भेज दिया गया है। वहीं, अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर नि:शुल्क सेवाओं की सूचना दरवाजे पर चस्पा कर दी गई है।
मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. कुलदीप यादव ने बताया कि निजी कार्य से बाहर हूं, लेकिन लगातार अवैध वसूली और घूसखोरी की शिकायतें मिल रही हैं। लौटने पर जांच कराकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया कि अस्पताल में कर्मचारी स्थानीय स्तर के ही हैं। इस वजह से उनकी लोगों में गहरी पैठ है। पहले भी कर्मचारियों को हिदायत दी थी, लेकिन फिर भी शिकायतें लगातार मिल रही हैं। बताया कि हर विभाग में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसका कंट्रोल रूम मेरे कक्ष में होगा और वहीं से कर्मचारियों पर निगरानी करूंगा।