शहर में रविवार को भी पूरे दिन अघोषित कर्फ्यू जैसे
हालात रहे। वहीं शनिवार की रात उपद्रवियों ने मकरंदनगर क्षेत्र में लकड़ी
की खोखानुमा दो दुकानों को फूंक दिया, जबकि शहर से पांच किमी दूर गांव
जलालपुर पनवारा के पास भी दो खोखानुमा दुकान को आग के हवाले किया गया।
वहीं
नसिरापुर गांव के पास सपा कार्यालय के अंदर गैरेज में खड़ी एक बोलेरो और
एक स्कार्पियो में आग लगा दी गई। आग लगने से बोलेरो के पिछले दोनों टायर
जलकर राख हो गए, जबकि स्कार्पियो मामूली तौर पर जली है। इस बाबत साहनापुर
निवासी सपा नेता भूरा यादव का कहना है कि उनके साढ़ू की गाड़ी पार्टी
कार्यालय में खड़ी थी, जिसमें तारों के आपस में शार्ट सर्किट होने के कारण
आग लगी।
उन्होंने उपद्रवियों द्वारा आग लगाने की बात को अफवाह बताया। उधर,
मकरंदनगर में धर्मकांटे के बगल में जीटी रोड किनारे रखी बिक्कू शुक्ला की
कोल्ड ड्रिंक्स व परचून की खोखानुमा दुकान जलकर राख हो गई। इसमें हजारों
रुपये का सामान स्वाहा हो गया। वहीं प्राइमरी स्कूल के पास रखी निसार खां
की खोखानुमा दुकान जलाई गई।
सूचना पाकर पहुंचे अधिकारियों ने आग बुझाई, पर
तब तक ज्यादातर सामान जल चुका था। इसके अलावा घमाइचमऊ निवासी फरीद अली
पुत्र सुजात अली की दो खोखानुमा दुकानें जलाई गईं, जिनमें वह गोश्त बेंचने
का काम करते थे। पुलिस ने उपद्रवियों को पकड़ने के लिए पूरे दिन धरपकड़
अभियान चलाया।
बीएसए के जवानों की मौजूदगी में मकानों की घेराबंदी करके
गिरफ्तारियां कीं। वहीं दिनभर शहर में मार्केट पूरी तरह बंद रहे। गलियों
में सन्नाटा पसरा रहा। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य आला अफसर
घूम-घूमकर शहर की सुरक्षा का जायजा लेते रहे।
बीएसएफ के जवानों ने भी
अत्याधुनिक असलहों से लैस होकर संवेदनशील इलाकों का कई बार भ्रमण किया।
एडीएम, एसडीएम, एएसपी, सीओ, तहसीलदार जगह-जगह डटे रहे। एंबुुलेंस को भी
कोतवाली के आसपास खड़ा करा लिया गया। उधर, बवाल से इत्र उद्योग में
कामकाज ठप रहने से करोड़ों का कारोबार बाधित हुआ।
10 हजार मजदूर घरों में
बैठे हैं। किसान भी फूलों की बिक्री न होने से निराश हैं। उधर, मकरंदनगर व
ग्वालमैदान में चल रही रामलीला का मंचन भी रद कर दिया गया है। कलाकारों को
वापस घर लौटा दिया गया है। पांडाल भी रविवार को उखड़ने लगे।
ग्वालमैदान
रामलीला वार्षिकोत्सव के मेला व्यवस्थापक सौरभ मिश्रा ने बताया कि कमेटी
में विचार-विमर्श के बाद रामलीला आयोजन को समाप्त कर दिया गया है। इसके
अलावा निर्णय लिया गया कि अगले वर्ष कमेटी रामलीला का आयोजन नहीं करेगी।
उधर, पंचमुखी दुग्धेश्वर महाराज रामलीला कमेटी के मेला व्यवस्थापक पवन
पांडेय का कहना है कि यदि कमेटी को प्रशासन रावण दहन के दिन सुरक्षा मुहैया
कराता है तो पुतला दहन किया जाएगा।