प्रदेश में योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों की शुरुआत कर दी है। मरीजों के हित में संचालित निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों व उनके परिजनों से धनउगाही की शिकायतें मिलने पर योगी सरकार मरीजों के परिजनों से फीड बैक ले रही है। एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने के बाद वसूली के आरोप में चार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा के तहत 16 एंबुलेंस 108 डायल और 23 एंबुलेंस 102 संचालित हैं। इनकी जिम्मेदारी जिले में तैनात 162 कर्मचारियों पर है। 108 एंबुलेंस की मदद से जिले में अब तक 74 हजार 520 जबकि 102 एंबुलेंस से 95 हजार मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया है। इन रोगी वाहनों के चालकों व क्लीनर द्वारा अक्सर मरीजों से धनउगाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। शासन ने योजना का लाभ लेने वाले मरीजों व उनके परिजनों से फोन कर फीड बैक लेना शुरू कर दिया है।
मरीजों के परिजनों द्वारा 102 एंबुलेंस के चालक दिनेश कुमार, अमरजीत और इंद्रपाल द्वारा एंबुलेंस का किराया बताकर पैसे लेने की शिकायत की गई, जबकि चालक रोहित कुमार अपने निजी कार्यों में भी एंबुलेंस का प्रयोग करता था। स्वास्थ्य महकमे ने इन्हें कार्य से हटा दिया हे।
वर्जन
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए शासन स्तर से लाभार्थियों से फीडबैक लिया जा रहा है। मरीजों के परिजनों ने कुछ कर्मचारियों पर धनउगाही का आरोप लगाया था। जांच के बाद तीन चालकों को हटाया गया, जबकि एक चालक को एंबुलेंस का प्रयोग निजी कार्यों में करने के कारण हटा दिया गया। - आकाश जौहरी (नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, कन्नौज)